NEET UG 2024 Hearing : सुप्रीम कोर्ट ने माना- पेपर लीक तो हुआ है, 11 जुलाई को अगली सुनवाई…


सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी पेपर लीक और री टेस्ट मुद्दे पर अहम सुनवाई पूरी हो चुकी है. अब सीजेआई ने याचिकाकर्ताओं के सभी वकीलों से कहा है कि वह 10 जुलाई (बुधवार) तक अपनी दलील पेश करें. उसमें उन्हें बताना होगा कि नीट यूजी परीक्षा दोबारा क्यों होनी चाहिए. किसी भी वकील की दलील 10 पन्नों से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी री टेस्ट को सबसे आखिरी विकल्प के तौर पर रखने के लिए कहा है.

एनटीए को देने होंगे 3 सवालों के जवाब..

सीजेआई (Chief Justice Of India) ने एनटीए से इन तीन सवालों के जवाब मांगे हैं.

1. नीट यूजी प्रश्न पत्र कब लीक हुए ।

2. नीट यूजी प्रश्न पत्र कैसे लीक हुए।

3. नीट यूजी पेपर लीक और परीक्षा के बीच कितना समय था ।

कार्ट ने वकील से पूछा- ग्रेस मार्क्स वाले कितने छात्र?

वकील ने कोर्ट से कहा कि शुरुआती तौर पर बिहार पुलिस के सामने जो तथ्य आए हैं, वह बड़े पैमाने पर पेपर लीक की ओर इशारा कर रहे हैं. इस परीक्षा में 67 बच्चों ने 720 में से 720 नंबर हासिल किए, जिसमें से 6 एक ही सेंटर से थे. इस पर कोर्ट ने पूछा इसमें से ऐसे कितने छात्र थे, जिनको ग्रेस मार्क्स मिले थे. वकील ने जवाब दिया एक भी नहीं.

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उन्होंने कोर्ट को बताया कि इससे पहले इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ जब दो-तीन छात्रों से ज्यादा किसी को पूरे नंबर मिले हों. यह अपने आप में इतिहास में पहला मौका है जब 67 बच्चों ने 720 में से 720 नंबर हासिल किए. कोर्ट ने कहा नहीं 2 सेंटर के 1563 बच्चे ऐसे थे, जिनको ग्रेस मार्क्स दिए गए जिसमें से 6 बच्चों के 720 में से 720 नंबर आए थे.

किस सबूत के आधार पर फिर से परीक्षा कराने की मांग कर रहे- कोर्ट

कोर्ट ने सवाल पूछा कि आखिर आपके पास ऐसे क्या सबूत है जिसके आधार पर आप फिर से परीक्षा करवाने की मांग कर रहे हैं? इस पर वकील ने कहा कि अगर सिस्टम के लेवल पर ही फ्रॉड साबित हो रहा है तो फिर यह पूरी परीक्षा की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े करता है. वकील ने कहा कि कोर्ट ने भी पहले की सुनवाई के दौरान कहा है कि हम यह सुनिश्चित करेंगे की कोई भी एक छात्र गलत तरीके से या गड़बड़ी के साथ दाखिला न ले पाए. वकील ने कहा कि बिहार पुलिस की जांच में भी सामने आया है कि यह पूरे सिस्टम की खामी रही है.

CJI (Chief Justice Of India) ने कहा की नीट यूजी पेपर दोबारा होगा या नहीं, इसके लिए यह देखाना होगा कि क्या लीक सिस्टमैटिक तरीके से हुआ है. क्या लीक से पूरी परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता प्रभावित हुई है या फिर फ्रॉड का फायदा उठाने वालों को अलग किया जा सकता है? अगर परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है तो दोबारा से परीक्षा जरूरी है. लेकिन अगर फायदा उठाने वाले छात्रों की पहचान हो जाए तो दोबारा परीक्षा की जरूरत नहीं होगी.

सरकार ने माना कि पेपर लीक हुआ

सॉलिसिटर जनरल की इस दलील के बाद सामने आया कि सरकार ने पहले बार कोर्ट में माना पेपर लीक हुआ है. सरकार ने कहा कि सिर्फ पटना में ऐसी शिकायत आई जिस मामले में आरोपी गिरफ्तार हो चुका है. वहीं, छात्रों के वकील ने कहा कि ऐसे तथ्य सामने आ चुके हैं, जहां पर यह साफ हुआ है कि पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैनल पर लीक हुआ. हमारे पास इसके सबूत मौजूद हैं. उन्होंने आगे कहा कि लीक हुए पेपर को एक स्कूल में वाई-फाई प्रिंटर के जरिए प्रिंट किया गया. बिहार पुलिस की अब तक की जांच में ऐसे अलग-अलग ग्रुप के बारे में जानकारी मिली है.

फिलहाल इस मामले पर अगली सुनवाई बुधवार को होगी। सीजेआई (CJI ) ने कहा है कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश सभी वकील इस बात पर अपनी दलीलें पेश करेंगे कि दोबारा परीक्षा क्यों होनी चाहिए और केंद्र तारीखों की पूरी सूची भी देगा। इससे पहले शिक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर करके नीट एग्जाम रद्द की मांग का विरोध किया था। केंद्र सरकार ने हलफनामे में कहा है कि कथित गड़बड़ी केवल सीमित केंद्रों में हुई थी और व्यक्तिगत उदाहरणों के आधार पर पूरी परीक्षा रद्द नहीं की जानी चाहिए। क्योंकि परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमिततताओं के कोई सबूत नहीं पाए गए हैं, ऐसे में नीट एग्जाम को दोबारा कराने की जखूरत नहीं है। केंद्र ने यह भी कहा कि नीट की दोबारा परीक्षा कराने पर इसका प्रभाव लाखों उम्मीदवारों पर पड़ेगा और अखिल भारतीय परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाए गए है।


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