22 जुलाई से सावन शुरू, फिर भी मैली है बाबा झारखंड धाम मंदिर की शिव गंगा, डुबकी लगाने में श्रद्धालुओं को होती है परेशानी


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झारखंडधाम (गिरिडीह) : जमुआ प्रखंड अंतर्गत झारखंडधाम के छतविहीन मंदिर में विराजमान झारखंडी नाथ महादेव की कृति महान है। सोमवार को यहां बाबा को जलाभिषेक करने के लिए आसपास के जिले के अलावे दूसरे प्रांतों के श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

बाबा झारखंड धाम में शिव मंदिर के सामने स्थित शिवगंगा में गंदगी का अंबार लग गया है। शिवगंगा में गंदगी फैलने के कारण से इसका जल दूषित हो गया है। शिवभक्त इसी गंदगी भरे तालाब में आस्था की डुबकी लगाने के लिए विवश हो रहे हैं। शिवगंगा में फैली गंदगी की सफाई कराने की दिशा में स्थानीय प्रशासन के साथ ही न्यास समिति के पदाधिकारी भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवगंगा की सफाई और जल को दूषित होने से बचाने के लिए न्यास समिति को विशेष कार्य योजना बनानी होगी। हालांकि इससे पहले भी शिवगंगा में गंदगी फैली थी, लेकिन इससे पहले साफ किया गया था, लेकिन अब फिर से वही स्थिति बन गई है। पानी में फैली काई और तैरते कचरे से बदबू निकलने लगी है। 

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बता दें कि बाबा झारखंड धाम में दर्शन और पूजन के लिए आम दिनों में भी बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं। पूजन से पहले वे शिवगंगा में डुबकी लगाते हैं। लेकिन इन दिनों शिवगंगा में गंदगी फैली रहने से शिवभक्तों की परेशानी भी बढ़ गयी।

22 जुलाई से सावन का आरंभ होने वाला है, सावन में बाबा झारखंड धाम में श्रद्धालुओं का भारी भीड़ देखने को मिलता है। सैकड़ों धरनार्थी आते हैं बाबा की शरण में, इस पवित्र शिवनगरी में सैकड़ों धरनार्थी फलाहार पर रात दिन रहते हैं। शिवगंगा में फैली गंदगी की सफाई कराने की दिशा में स्थानीय प्रशासन के साथ ही न्यास समिति के पदाधिकारी को अब इस और ध्यान देनी चाहिए।

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