जमशेदपुर – जमशेदपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने नाबालिग लड़कियों की तस्करी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो नाबालिग लड़कियों को बेचने के अपराध में संलिप्त थी।
कैसे हुआ खुलासा?
शनिवार को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर परसुडीह लोको कॉलोनी से निशू तियू नामक महिला को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान निशू ने कबूल किया कि वह झारखंड में लड़कियों की तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थी और नाबालिग लड़कियों को रांची की अंजलि कच्छप तक पहुंचाने का काम करती थी। बदले में उसे 10 से 15 हजार रुपये मिलते थे।
दिल्ली में हुई थी मुलाकात, वहीं से शुरू हुआ घिनौना खेल
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि निशू तियू और अंजलि कच्छप की पहली मुलाकात दिल्ली में हुई थी, जहां निशू पहले काम करती थी। वहीं से दोनों ने मिलकर इस घिनौने धंधे की शुरुआत की। निशू का काम झारखंड के ग्रामीण इलाकों से लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाना और उन्हें अंजलि कच्छप के हवाले करना था। बदले में उसे यात्रा खर्च और पैसे मिलते थे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, अंजलि कच्छप की तलाश जारी
पुलिस ने निशू तियू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, मुख्य आरोपी अंजलि कच्छप की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, अंजलि हाल ही में एक नाबालिग बच्ची को दिल्ली ले जा रही थी, लेकिन रेलवे पुलिस को उस पर संदेह हुआ और उसने बच्ची को बचा लिया। हालांकि, अंजलि मौके से फरार हो गई।
अब पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों का भी पता लगाने में जुटी है और यह जांच कर रही है कि अब तक कितनी लड़कियों को इस नेटवर्क के जरिए बेचा गया है। इस दौरान पुलिस ने बताया कि बरामद की गई बच्ची को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
झारखंड में मानव तस्करी का खतरा बढ़ा
झारखंड के विभिन्न जिलों से नाबालिग लड़कियों की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी के कारण लड़कियां तस्करों का शिकार बन रही हैं। यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि राज्य में मानव तस्करी रोकने के लिए और कड़े कदम उठाने की जरूरत है।