राज्यपाल के फैसले के खिलाफ अनुबंध शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का पैदल मार्च, सड़कों पर भीख मांगकर जताया विरोध…

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झारखंड के अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत अनुबंध शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सोमवार को राज्यपाल के निर्णय के विरोध में राजधानी रांची की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन के 69वें दिन कर्मचारियों ने राजभवन से फिरायालाल चौक तक पैदल मार्च करते हुए विरोध जताया और भिक्षाटन कर अपनी पीड़ा लोगों के सामने रखी।

फैसले के खिलाफ अनुबंध शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन..

राज्यपाल द्वारा हाल ही में अंगीभूत महाविद्यालयों में नामांकन और शिक्षण कार्य पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से राज्य भर में कार्यरत सैकड़ों अनुबंध शिक्षकेत्तर कर्मचारी अचानक बेरोजगार हो गए हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ उनके भविष्य को अंधकारमय बना रहा है, बल्कि उनके परिवार की आजीविका पर भी सीधा असर डाल रहा है।

 

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने तख्तियां और बैनर उठाकर आम लोगों और जनप्रतिनिधियों से भीख मांगी। उनका कहना है कि सरकार ने उनके लिए कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। “हमने कोई गलती नहीं की, फिर भी सजा भुगत रहे हैं,” एक प्रदर्शनकारी कर्मचारी ने कहा। “राज्यपाल ने आदेश जारी कर दिया, लेकिन हमारी रोज़ी-रोटी का क्या होगा, इसकी किसी ने चिंता नहीं की।

कर्मचारियों की मांग है कि या तो उन्हें विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रिक्त पड़े पदों पर समायोजित किया जाए, या फिर उन्हें +2 विद्यालयों में स्थायी रूप से नियुक्त किया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।

इस भिक्षाटन प्रदर्शन में रांची विश्वविद्यालय, कोल्हन विश्वविद्यालय (चाईबासा), सिद्धू कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (दुमका), विनोद बिहारी कोयलांचल विश्वविद्यालय (धनबाद), नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय (पलामू) और विनोबा भावे विश्वविद्यालय (हजारीबाग) सहित राज्य भर के विभिन्न जिलों से आए दर्जनों अनुबंध कर्मचारी शामिल हुए।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।