कभी NEET में असफलता झेलने वाली एक सामान्य लड़की आज करोड़ों की नौकरी पा चुकी है। यह कोई फिल्मी स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि कर्नाटक की रहने वाली रितुपर्णा केएस की हकीकत है। जिन्होंने जिंदगी के हर मोड़ पर चुनौतियों को स्वीकारा, और हार मानने के बजाय नया रास्ता बनाया।
कर्नाटक के शिमोगा जिले के थिर्थहल्ली तालुक के कोडुरु जैसे छोटे से गांव से निकलकर आज 20 साल की रितुपर्णा दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित एयरोस्पेस कंपनी रोल्स-रॉयस में काम कर रही हैं। और उनकी सालाना सैलरी 72 लाख रुपये है।
डॉक्टर बनने का सपना, फिर दिशा बदली
रितुपर्णा का सपना था डॉक्टर बनने का। उन्होंने NEET की तैयारी की, लेकिन सरकारी मेडिकल सीट नहीं मिल पाई। इस असफलता ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि सोच बदल दी। कुछ समय के लिए उन्होंने UPSC की तैयारी करने का मन बनाया, लेकिन फिर उनके पिताजी की सलाह पर इंजीनियरिंग में दाखिला लेने का फैसला किया।
2022 में उन्होंने सह्याद्री कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन में प्रवेश लिया। और यहीं से शुरू हुई उनकी असली उड़ान।
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जमीन से जुड़ा इनोवेशन, दुनिया से मिली पहचान
रितुपर्णा को रोबोटिक्स से खास लगाव हुआ। उन्होंने अपने सीनियर्स के काम को देखकर खुद भी कुछ करने की ठानी। खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों को समझते हुए उन्होंने अपनी टीम के साथ सुपारी किसानों के लिए एक रोबोटिक स्प्रेयर और हार्वेस्टर डिजाइन किया। यह प्रोजेक्ट इतना बेहतरीन साबित हुआ कि इसे INEX इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस, गोवा में गोल्ड और सिल्वर मेडल से नवाजा गया। यह कॉन्फ्रेंस वैश्विक स्तर पर आयोजित होती है, जिसमें जापान, सिंगापुर, रूस और चीन जैसे देश शामिल थे।
जब दुनिया ने किया इनकार, रितुपर्णा ने किया इनकार से इनाम
रितुपर्णा ने ग्लोबल एक्सपोजर की चाह में रोल्स-रॉयस जैसी दिग्गज कंपनी में इंटर्नशिप के लिए आवेदन दिया। पहले तो कंपनी ने उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि “तुम एक महीने का काम भी पूरा नहीं कर पाओगी।” लेकिन रितुपर्णा ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक मौका मांगा और जो टास्क एक महीने के लिए दिया गया था, उसे महज एक हफ्ते में पूरा कर दिखाया।
कंपनी उनकी काबिलियत से इतनी प्रभावित हुई कि उन्हें तुरंत 8 महीने का एक बड़ा प्रोजेक्ट सौंपा गया। इस दौरान रितुपर्णा ने अपने कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ यूके टाइम के अनुसार देर रात तक काम किया।
दिसंबर में ऑफर, अप्रैल में उड़ान
दिसंबर 2024 में रोल्स-रॉयस ने उन्हें जेट इंजन मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन में प्री-प्लेसमेंट ऑफर दिया। शुरुआती पैकेज 39.6 लाख रुपये सालाना था। जनवरी 2025 में उन्होंने औपचारिक रूप से काम शुरू किया, और अप्रैल तक कंपनी ने उनकी सैलरी बढ़ाकर 72.3 लाख रुपये कर दी।
अब रितुपर्णा जुलाई के अंत में अमेरिका के टेक्सस में रोल्स-रॉयस के मुख्यालय में शामिल होंगी।
DC फेलोशिप और रोल मॉडल बनने की राह
रितुपर्णा को दक्षिण कन्नड़ के DC फेलोशिप प्रोग्राम के तहत टॉप 15 छात्रों में भी जगह मिली। उनके इंटरव्यू, नवाचार और लगन ने उन्हें रोल्स-रॉयस का भरोसेमंद चेहरा बना दिया।
प्रेरणा हर असफलता में छिपी होती है
रितुपर्णा की कहानी सिर्फ एक छात्रा की सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, जज्बे और जुनून की मिसाल है। उन्होंने यह साबित किया कि अगर राहें बंद हो जाएं, तो नई राहें खुद बनानी पड़ती हैं। आज वो उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो कभी हार मानने को मजबूर हो जाते हैं।