गिरिडीह: गिरिडीह जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. विमल कुमार को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए झारखंड पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसको लेकर राज्य सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, राज्य के कई पुलिस अधिकारियों को उनके विशिष्ट योगदान के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में पदक से सम्मानित किया जाएगा।
जहां कुछ अधिकारियों को झारखंड राज्यपाल पदक (विशिष्ट सेवा के लिए) और मुख्यमंत्री पदक (वीरता के लिए) से सम्मानित किया जाएगा, वहीं गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार को झारखंड पुलिस पदक उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए दिया जाएगा। यह सम्मान आगामी झारखंड स्थापना दिवस या फिर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा आयोजित होने वाले विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा।
पुलिस विभाग में खुशी का माहौल
गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार को सम्मान मिलने की सूचना मिलते ही जिले के पुलिस महकमे में खुशी की लहर दौड़ गई। पुलिस लाइन से लेकर थाना स्तर तक अधिकारियों और जवानों ने इस पर हर्ष व्यक्त किया। कई पुलिस पदाधिकारी एसपी कार्यालय पहुँचकर डॉ. विमल कुमार को व्यक्तिगत रूप से बधाई देने पहुंचे। यह सम्मान गिरिडीह जिले के लिए भी एक गौरव की बात मानी जा रही है।
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गिरिडीह में योगदान के बाद बदला क्राइम कंट्रोल का चेहरा
उल्लेखनीय है कि डॉ. विमल कुमार ने अगस्त 2024 में गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद से ही जिले में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, और नशा उन्मूलन को लेकर उनकी सक्रियता और सख्ती साफ देखी जा रही है। उन्होंने गिरिडीह को अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से कई सघन अभियान चलाए और नतीजा यह रहा कि जिले में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई।
निमियाघाट थाना को देश के टॉप-3 थानों में स्थान
एसपी डॉ. विमल कुमार के नेतृत्व में गिरिडीह पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। उनके ही कार्यकाल में जिले के निमियाघाट थाना को देश के तीन सर्वश्रेष्ठ थानों में चुना गया था। इस उपलब्धि के तहत दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में निमियाघाट के तत्कालीन थाना प्रभारी राणा जंग बहादुर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सम्मान प्राप्त किया था।
सरायकेला और रामगढ़ में भी निभाई उल्लेखनीय भूमिका
गिरिडीह में योगदान से पूर्व डॉ. विमल कुमार ने सरायकेला और रामगढ़ जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। दोनों ही स्थानों पर उन्होंने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनसंपर्क और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देकर पुलिस की छवि को सकारात्मक रूप देने का कार्य किया।