रांची: राज्य सरकार ने आधार पंजीकरण को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य के पंचायतों और शहरी निकायों के वार्ड कार्यालयों में संचालित या संचालित होने वाले प्रज्ञा केंद्रों में नया आधार कार्ड पंजीकरण नहीं होगा। इन केंद्रों पर केवल आधार अपडेट की सुविधा ही मिलेगी। इसमें भी केवल सीमित जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, पता और ईमेल आईडी में ही सुधार किया जा सकेगा।
यह निर्णय भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के निर्देश पर लिया गया है। इसके तहत राज्य सरकार और कामन सर्विस सेंटर–स्पेशल परपस व्हीकल (सीएससी-एसपीवी) के बीच नया करार हुआ है। उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती करार में प्रज्ञा केंद्रों पर नया आधार पंजीकरण करने की सुविधा थी, जिसे अब रद्द कर दिया गया है।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सख्त प्रावधान
नए करार में प्रज्ञा केंद्रों के जरिए आधार अद्यतन में होने वाली संभावित गड़बड़ियों या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कई सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं। सबसे अहम बात यह है कि अब प्रज्ञा केंद्र संचालक अवकाश के दिनों में आधार किट का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, आधार किट को घर ले जाने की अनुमति भी नहीं होगी।
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‘डिजिटल पंचायत योजना’ के तहत नामित होंगे संचालक
नए नियमों के तहत आधार केंद्र का संचालन उसी व्यक्ति द्वारा किया जाएगा जिसे संबंधित पंचायत भवन में पहले से ‘डिजिटल पंचायत योजना’ के तहत प्रज्ञा केंद्र संचालन के लिए नामित किया गया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है।
सरकारी परिसरों में ही होगा संचालन
यूआईडीएआई के सभी दिशा-निर्देश अब इन आधार केंद्रों पर पूरी तरह लागू होंगे। आधार किट का संचालन केवल सरकारी परिसरों में जैसे ग्राम पंचायत भवन, शहरी वार्ड कार्यालय या नगर निकाय परिसरों में ही किया जा सकेगा। किसी निजी या अस्थायी स्थान पर आधार केंद्र नहीं चलाया जा सकेगा।
उपायुक्त की निगरानी में होगा संचालन
हर जिले में स्थापित आधार केंद्रों की निगरानी संबंधित जिले के उपायुक्त सह सह-रजिस्ट्रार द्वारा की जाएगी। यही अधिकारी इन केंद्रों के प्रशासनिक प्रमुख होंगे और उनके कार्यालय को “नियंत्रण कार्यालय” का दर्जा दिया गया है। सरकारी परिसरों का आवंटन भी यही नियंत्रण कार्यालय करेगा।