नीट में 284 रैंक का झांसा, फोटोशॉप से तैयार किए फर्जी दस्तावेज… भोपाल एम्स में एडमिशन लेने पहुंचा तो सीधे पहुंच गया जेल….

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भोपाल: एम्स में मेडिकल की पढ़ाई के लिए एडमिशन पाने के लिए एक छात्र ने ऐसा शातिर खेल रचा कि संस्थान का प्रबंधन भी दंग रह गया। मामला भोपाल एम्स का है, जहां उत्तर प्रदेश निवासी एक युवक ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर दाखिला लेने का प्रयास किया। हालांकि, उसकी यह चालाकी दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के दौरान पकड़ी गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

लगातार असफलता ने चुना अपराध का रास्ता

कानपुर जिले के किशनपुर गांव निवासी 22 वर्षीय लवकुश प्रजापति ने वर्ष 2021 में 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद डॉक्टर बनने का सपना देखा। इसके लिए वह लगातार नीट परीक्षा की तैयारी करता रहा, लेकिन वर्ष 2021 से 2024 तक चार बार परीक्षा देने के बावजूद बेहतर रैंक हासिल नहीं कर पाया। परिवार के दबाव और असफलता से निराश होकर उसने एक खतरनाक फैसला लिया।

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फोटोशॉप से बनाई फर्जी अलॉटमेंट लेटर

लवकुश ने अपने दोस्त की असली अलॉटमेंट लेटर को सोशल मीडिया से हासिल किया और फोटोशॉप की मदद से उसमें फेरबदल कर दिया। उसने रोल नंबर, अंक और रैंक बदलते हुए खुद को 630 अंक और 284 रैंक का उम्मीदवार दिखाया। जबकि इस रैंक पर एक अन्य छात्र पहले ही एम्स भुवनेश्वर में दाखिला ले चुका था।

कैसे पकड़ी गई चालाकी?

24 अगस्त को लवकुश मुंबई से भोपाल पहुंचा और एम्स रजिस्ट्रार कार्यालय में एडमिशन के दस्तावेज जमा कराए। एम्स प्रबंधन को दस्तावेजों पर शक हुआ और जब गहन जांच की गई, तो हकीकत सामने आ गई। वेरिफिकेशन में यह पाया गया कि जो रैंक उसने दिखाई, उस पर पहले से एक छात्र का नाम दर्ज है।

पुलिस के हवाले, जेल भेजा गया

एम्स प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। बाग सेवनिया थाना पुलिस ने छात्र को हिरासत में लेकर अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज की और अदालत में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया।

सपनों की कीमत पर अपराध का रास्ता

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इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मेडिकल जैसी प्रतिष्ठित पढ़ाई में दाखिला पाने के लिए बढ़ता दबाव युवाओं को किस हद तक अपराध की ओर धकेल रहा है। लवकुश की तरह कई युवा असफलता को स्वीकार करने के बजाय शॉर्टकट अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो न केवल उनके करियर को बर्बाद कर रहा है बल्कि कानून के शिकंजे में भी ला खड़ा कर रहा है।