झारखंड में नौ वर्षों से शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) नहीं होने से नाराज अभ्यर्थियों ने मंगलवार को राजधानी रांची में पैदल मार्च कर विधानसभा घेराव का प्रयास किया। अभ्यर्थी सुबह 10 बजे पुराना विधानसभा से टूटे मैदान तक मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जगन्नाथपुर मंदिर के पास रोक दिया। इसके बाद छात्र-छात्राएं सड़क पर ही बैठकर धरने पर डट गए।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने नारे लगाए—
“JTET परीक्षा कराओ”, “हमारा हक दो”, “झारखंड सरकार हाय-हाय”।
अभ्यर्थियों का कहना है कि झारखंड गठन के बाद से अब तक केवल 2013 और 2016 में ही JTET परीक्षा कराई गई। इसके बाद पिछले 9 वर्षों से परीक्षा आयोजित नहीं हुई।
एक छात्रा ने कहा—
“हम नौकरी नहीं मांग रहे हैं, केवल JTET परीक्षा का अवसर चाहते हैं। B.Ed और D.El.Ed में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी हमें भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। सरकार हमारी उम्र बर्बाद कर रही है।”
अभ्यर्थियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग लगाई। कुछ छात्रों को खदेड़ा गया, कई को रास्ते में रोक दिया गया। बावजूद इसके अभ्यर्थी सड़क पर धरना देकर बैठे रहे।
छात्र नेताओं का आरोप है कि सरकार जानबूझकर आंदोलन को दबा रही है। “हजारीबाग, रामगढ़, देवघर और गोड्डा से आ रहे छात्रों को बसों से उतार दिया गया। सरकार हमारी एकता से घबरा रही है।”
शिक्षक संघ और अभ्यर्थियों ने सरकार से ये मांगे रखीं—
JTET परीक्षा का तुरंत आयोजन किया जाए।
हर साल JTET परीक्षा कराने का कैलेंडर जारी हो।
B.Ed और D.El.Ed प्रशिक्षितों को परीक्षा में मौका मिले।
TGT और PGT सहित सभी रिक्त पदों की भर्ती शुरू हो।
शिक्षकों के वेतनमान व ग्रेड पे में कटौती वापस ली जाए।
प्रतियोगी परीक्षाओं में न्यूनतम 5 वर्ष की आयु-छूट दी जाए।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। “जब तक JTET परीक्षा की घोषणा नहीं होती, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।