झारखंड परिवहन विभाग ने राज्य के लाखों लोगों को राहत देने वाली बड़ी पहल की है। विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में अहम बदलाव करते हुए ऐसा सिस्टम लागू किया है, जिसके बाद आवेदकों को अब न तो RTO दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही टेस्ट सेंटर जाने की जरूरत होगी। विभाग ने लाइसेंस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी आधारित बना दिया है।
घर बैठे दें ऑनलाइन टेस्ट
नये नियमों के अनुसार अब आवेदक परिवहन विभाग के मोबाइल ऐप या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही पूरा ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट दे सकेंगे। टेस्ट खत्म होने के तुरंत बाद सिस्टम स्वतः पास या फेल की रिपोर्ट जारी कर देगा।
इस प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेस रिकॉग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे टेस्ट पूरी तरह पारदर्शी और फेयर होगा। विभाग का दावा है कि इससे दलालों की भूमिका खत्म होगी और लोगों को कार्यालय में लाइन लगाने से छुटकारा मिलेगा।
टेस्ट में असफल होने पर आवेदक को दोबारा प्रयास करने का अवसर भी मिलेगा।
क्या कहते हैं परिवहन विभाग के अधिकारी
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक लाइसेंस बनाने के लिए लोगों को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। यह नई सुविधा उस परेशानी को समाप्त करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, विभाग का उद्देश्य है कि आम जनता को कम से कम समय में सेवाएं प्रदान की जाएँ और प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाए।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऐसे करें
1. परिवहन विभाग की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाएँ।
2. आवश्यक विवरण दर्ज करते हुए रजिस्ट्रेशन करें।
3. पहचान और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
4. घर बैठे ऑनलाइन टेस्ट दें।
5. टेस्ट में पास होते ही आगे की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुविधा
विभाग ने बताया कि यह डिजिटल सुविधा सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। इसे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक भी पहुंचाया जा रहा है। जहाँ स्मार्टफोन या इंटरनेट की कमी है, वहाँ लोग साइबर कैफे और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आसानी से टेस्ट दे सकेंगे।
सही जानकारी देना जरूरी
परिवहन विभाग ने आवेदकों से अपील की है कि वे आवेदन के दौरान सभी जानकारी सही-सही दर्ज करें। गलत जानकारी पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। विभाग का कहना है कि नई प्रक्रिया तभी सफल होगी जब लोग नियमों का पालन करेंगे।