झारखंड में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण तेज, 2003 की सूची से व्यापक मैपिंग जारी

Pintu Kumar
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झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। चुनाव आयोग के निर्देश पर वर्तमान मतदाता सूची की तुलना वर्ष 2003 की सूची से की जा रही है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए राज्य निर्वाचन विभाग और जिला स्तर के सभी अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, बीएलओ परिवारवार फैमिली ट्री तैयार कर रहे हैं, जिसके माध्यम से मतदाताओं का सत्यापन और मिलान किया जा रहा है। यह कार्य इसलिए आवश्यक माना जा रहा है ताकि सूची में गलत तरीके से जुड़े नाम हटाए जा सकें और पात्र मतदाताओं को शामिल किया जा सके।

देशभर में चल रहे एसआईआर अभियान का दूसरा चरण 10 फरवरी को समाप्त होने जा रहा है। अनुमान है कि इसके तुरंत बाद चुनाव आयोग तीसरे चरण में शामिल होने वाले राज्यों की घोषणा करेगा। झारखंड का नाम भी इस सूची में शामिल होने की पूरी संभावना जताई जा रही है, जिसकी वजह से राज्य में मतदाता सूची सुधार और मैपिंग के कार्य को तेज किया गया है।

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदान के योग्य हर व्यक्ति को अपने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। आवेदन जमा करते समय आवेदक को स्वयं तथा माता-पिता के लिए अलग-अलग स्व-प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। नागरिकता, पहचान, निवास और निर्वाचन संबंधी दस्तावेजों की एक सूची आयोग ने जारी की है, जिसे संदर्भ सूची बताया गया है। ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में दस्तावेज अपडेशन और सत्यापन के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहाँ मतदाता सूची की मैपिंग, दस्तावेज सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी लोगों को उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए।

महत्वपूर्ण रूप से, आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा। हालांकि, पूर्व निर्देशों के अनुसार इसे सहायक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पहचान और निवास संबंधी आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें, ताकि आवेदन प्रक्रिया में कोई दिक्कत न हो।

निर्वाचन आयोग जल्द ही राज्य में दस्तावेज सत्यापन, नागरिकता संबंधी प्रोटोकॉल और एसआईआर के अगले चरणों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। प्रशासन का कहना है कि सभी जिलों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि मतदाता सूची की मैपिंग तय समयसीमा के भीतर पूरी हो और हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।

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