झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (जरेडा) की ओर से शुक्रवार को गिरिडीह के एक होटल में ऊर्जा संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में ऊर्जा की बचत, कुशल उपयोग और शहरी क्षेत्रों में बिजली खपत को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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कार्यशाला में नगर प्रशासक प्रशांत कुमार लायक ने कहा कि नगर निकाय क्षेत्र में बिजली की खपत को कैसे कम किया जाए, इस पर गंभीर मंथन किया गया है। उन्होंने बताया कि दैनिक उपयोग में बिजली की खपत घटाने पर विशेष जोर दिया गया है और निगम क्षेत्र में इसे व्यावहारिक रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि नगरपालिका मांग पक्ष प्रबंधन (एमडीएसएम) कार्यक्रम शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती ऊर्जा मांगों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह मांग बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और सार्वजनिक उपयोगिताओं के कारण उत्पन्न हो रही है।
वक्ताओं के अनुसार यह कार्यक्रम ऊर्जादक्षता ब्यूरो (बीईई) द्वारा शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नगरपालिका संचालन में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देना है। इससे न केवल विद्युत खपत में कमी आती है, बल्कि संचालन लागत भी घटती है और शहरी पर्यावरण में सुधार होता है, जिससे सतत ऊर्जा प्रबंधन सुनिश्चित होता है।
कार्यशाला में शहरी स्थानीय निकायों की समग्र ऊर्जा दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर जरेडा के अधिकारी, सहायक प्रबंधक अशोक हांसदा सहित कई कर्मचारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।