पेसा नियमावली कैबिनेट से मंजूर होने पर गिरिडीह में जश्न, आभार यात्रा निकालकर सरकार को दिया धन्यवाद…

Abhimanyu Kumar
3 Min Read
Highlights
  • 23 दिसंबर 2025 को झारखंड कैबिनेट में पेसा नियमावली पास
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्रिमंडल को दिया धन्यवाद
  • पेसा लागू होने से ग्राम सभा होगी सशक्त
  • गिरिडीह में झामुमो की ओर से जश्न और आभार यात्रा
Share This News
WhatsApp Channel Join Now

झारखंड सरकार द्वारा 23 दिसंबर 2025 को कैबिनेट में पेसा नियमावली को स्वीकृति दिए जाने के बाद शुक्रवार को गिरिडीह में उत्सव का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर झामुमो की ओर से आभार यात्रा निकालकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनकी कैबिनेट को धन्यवाद दिया गया।

Advertisement

झामुमो जिला कार्यालय में मिठाइयाँ बांटी गईं। इसके बाद ढोल-नगाड़ों, झंडा-बैनर के साथ आभार यात्रा टावर चौक तक निकाली गई, जहां मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमंडल के सदस्यों के प्रति आभार जताया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी स्वशासन की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे हेमंत सोरेन सरकार ने पूरा कर ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि झारखंड के गठन के 25 वर्ष बाद यह सपना साकार हो सका, जबकि पूर्ववर्ती सरकारें आदिवासियों को उनके अधिकार देने से पीछे हटती रहीं।

Advertisement

उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू होने से आदिवासी इलाकों में गरीबी, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी। ग्राम सभा सशक्त होगी और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी चयन व क्रियान्वयन में उसकी अहम भूमिका होगी। बालू घाट, पत्थर खनन, वन उत्पाद, जल स्रोत एवं सामुदायिक संसाधनों पर ग्राम सभा का अधिकार सुनिश्चित होगा।

झामुमो जिला सचिव महालाल सोरेन ने कहा कि पेसा कानून से आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के पारंपरिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे। वहीं केंद्रीय कमेटी सदस्य सह बेंगाबाद प्रखंड अध्यक्ष नुनूराम किस्कू उर्फ टाइगर ने कहा कि वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है।

जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि गांव मजबूत होंगे तभी राज्य और देश मजबूत बनेंगे। पेसा लागू होने से खनन, वन और बाजार से होने वाली आय सीधे गांव तक पहुंचेगी।

इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष राकी सिंह सहित सुनील यादव, राकेश कुमार सिंह, मोनू सिंह, दिलीप रजक, भैरो वर्मा, अजयकांत झा, सोमर मरांडी, हरिमोहन कंधवे, दारा हाजरा, अभय सिंह, प्रमिला मेहरा, सुमित कुमार, मुकेश कुमार, प्रधान मुर्मू, रंजीत राम, रोजन अंसारी, अशोक राम, जाकिर हुसैन, राकेश रंजन, सचिन शर्मा, संजय वर्मा, चांद रसीद अंसारी, सईद अख्तर, कासीम अंसारी, मजीद अंसारी, रमेश हांसद, सनातन चौडे, बीरालाल चौडे, चांद मल मरांडी, जीतन सोरेन, अजय रजक, इम्तियाज अंसारी, नुरूल हौदा, बहादुर कुशवाहा सहित विभिन्न परगना प्रतिनिधि एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page