गिरिडीह: सुभाष शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, गिरिडीह में सोमवार को SIR (Special Intensive Revision) विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2025 के महत्व और उसकी आवश्यकता पर विचार-विमर्श करना रहा।
परिचर्चा को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि वोट का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं, यह विषय लंबे समय से बहस का केंद्र रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देशन में वर्ष 2025 में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम देश के 12 राज्यों में संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरिकता से जुड़े विवादों का समाधान सुनिश्चित करना है।
वहीं, महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो. कौशल राज ने अपने विचार रखते हुए कहा कि वर्तमान समय में SIR की आवश्यकता अत्यधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि देश में दूसरे राज्यों एवं अन्य देशों से बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन के कारण नागरिकता और मतदाता सूची में कई प्रकार की विसंगतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में SIR कार्यक्रम के माध्यम से वोटर कार्ड में मौजूद त्रुटियों एवं अवैध रूप से बनाए गए मतदाता पहचान पत्रों में सुधार संभव हो सकेगा।
परिचर्चा के दौरान सभी प्रशिक्षणार्थियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लेते हुए अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए, जिससे कार्यक्रम सफल रहा।
इस अवसर पर प्रो. राजकिशोर प्रसाद, प्रो. धर्मेंद्र मंडल, प्रो. पोरस कुमार, प्रो. बृजमोहन कुमार, प्रो. संदीप चौधरी, प्रो. सोमा सूत्रधर सहित राजेश, मिंकल, पूजा, प्रियेश एवं अन्य की सराहनीय सहभागिता रही।