डुमरी में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित

Pintu Kumar
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गिरिडीह: गिरिडीह जिला अंतर्गत अनुमंडल कार्यालय, डुमरी में समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के उन्मूलन, बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को लेकर अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक कुरीति निवारण योजना, बाल विवाह मुक्त झारखंड एवं मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित हुआ।

कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं से महिलाएं आज सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, लेकिन बाल विवाह जैसी कुरीतियां अब भी समाज के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई हैं। बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाल विवाह की किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाए। सूचना मिलते ही संबंधित पदाधिकारी, CMPO, पुलिस अथवा अनुमंडल प्रशासन को अवगत कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन अपराध है, जिससे POCSO अधिनियम के अंतर्गत भी दंडनीय अपराध उत्पन्न हो सकते हैं। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशिक्षण सत्र में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। बताया गया कि बालिकाओं के लिए न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष तथा बालकों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित आयु से पूर्व विवाह कराना, करवाना अथवा इसमें सहयोग करना दंडनीय अपराध है।

कार्यशाला में विवाह आयोजन से जुड़े कैटरर, टेंट हाउस, बैंड पार्टी एवं अन्य सेवा प्रदाताओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण स्तर पर निगरानी रखने एवं जागरूकता अभियान चलाने की अपील की गई।

पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह, डायन प्रथा, मानव तस्करी, सावित्री बाई फुले समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एवं मिशन शक्ति से संबंधित जागरूकता फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि, सीडीपीओ, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

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