गिरिडीह में भाकपा (माले) का विरोध प्रदर्शन, ट्रंप का पुतला दहन, मजदूरों-दुकानदारों सहित कई जनसमस्याओं पर चर्चा

पुतला दहन से जनसंघर्ष तक, माले ने उठाए मजदूर और जनता के सवाल..

Abhimanyu Kumar
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वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के विरोध में रविवार को भाकपा (माले) की जिला कमेटी के आह्वान पर गिरिडीह जिला मुख्यालय के पपरवाटांड स्थित माले कार्यालय परिसर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया गया। इस दौरान ट्रंप के खिलाफ जोरदार नारे लगाए गए। बैठक के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे।

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कार्यक्रम में 16 जनवरी को शहीद कॉमरेड महेंद्र सिंह की शहादत को भी याद किया गया। इसके बाद प्रेस को संबोधित करते हुए सीपीआई (एमएल) के नेता सह पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति एवं उनकी पत्नी को आंखों पर पट्टी बांधकर अमेरिका लाया जाना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा जमाने की नीयत से वहां दादागिरी कर रहा है।

पूर्व विधायक ने कहा कि वेनेजुएला की वामपंथी सरकार दुनिया के लिए एक उदाहरण है, लेकिन अमेरिकी हस्तक्षेप से वहां की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सैन्य ताकत के बल पर तहस-नहस किया गया। इसी के विरोध में माले द्वारा पुतला दहन कर कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि पार्टी की केंद्रीय कमेटी ने पूरे देश में अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ विरोध अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

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राजकुमार यादव ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा का नाम बदलने से क्या साबित होता है, सरकार को मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए, न कि नाम बदलकर अपनी मनमानी करने पर।

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जिला कमेटी के सचिव अशोक पासवान ने कहा कि अमेरिका की दादागिरी को माले बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत सरकार इस पूरे मामले पर चुप क्यों है। साथ ही जमुआ में बार-बार हो रही गोलीबारी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन से इस पर संज्ञान लेने की मांग की।

 

माले के वरिष्ठ नेता पूरन महतो ने कहा कि पार्टी हमेशा नाजायज और अन्यायपूर्ण कार्यों का विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। इसके लिए जनता को एकजुट होने की जरूरत है। वहीं माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि ट्रंप बार-बार दुनिया पर तानाशाही थोपने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका हर जगह विरोध होना चाहिए।

इस दौरान सीएमआर फैक्ट्री के मजदूरों का मुद्दा भी उठा। राजेश सिन्हा ने बताया कि उनके पहल पर श्रम अधीक्षक, फैक्ट्री मैनेजर और लेबर से बातचीत कर मजदूरों को दोबारा काम पर रखा जा रहा है। सभी मजदूरों ने पूर्व विधायक से भी मुलाकात की।

इसके अलावा नगर निगम द्वारा दुकानों को तोड़े जाने का मामला, विस्थापित दुकानदारों को अब तक जगह न दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। पूर्व विधायक ने दुकानदारों को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी और आंदोलन में साथ देने का भरोसा दिया। जीतपुर में एक दिव्यांग ब्राह्मण परिवार के घर को वन विभाग द्वारा तोड़े जाने के मामले में माले नेताओं ने जांच कर आंदोलन के जरिए घर दोबारा बनवाने का आश्वासन दिया।

 

कार्यक्रम में प्रखंड सचिव मसूदन कोल, नौशाद आलम, लखन कोल, मजहर, कन्हैया सिंह, भीम कोल, धनेश्वर कोल, किशोरी राय, राजन तुरी, प्रसादी राय, गुलाब कोल, मोहन कोल, लूटन दास, सकलदेव कोल, किशुन कोल, विभु कोल, भुनेश्वर कोल, धूमा टुड्डू, चंदन टुडू सहित करीब तीस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

अंत में नेताओं ने बताया कि ट्रंप का पुतला दहन, सीएमआर मजदूरों की समस्या, नगर निगम दुकानदारों का मुद्दा, जीतपुर में दिव्यांग के घर को तोड़ने का मामला, जमुआ गोलीकांड और मनरेगा का नाम बदलने जैसे तमाम जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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