जमुआ की बेटियाँ और बेटे बने देश व समाज के लिए प्रेरणा, मेहनत ने दिलाई पहचान….

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मुआ प्रखंड से दो अलग–अलग परिवारों के युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। एक ओर जहां जमुआ पूर्वी क्षेत्र की बेटी चंचल कुमारी ने देश सेवा का मार्ग चुना, वहीं दूसरी ओर सुमन सागर वर्मा ने यह साबित कर दिया कि साधारण परिवार से निकलकर भी असाधारण सफलता हासिल की जा सकती है।

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जमुआ प्रखंड अंतर्गत सियाटांड़ पंचायत के गोलहैया निवासी घनश्याम राणा की छोटी पुत्री चंचल कुमारी ने SSC GD परीक्षा उत्तीर्ण कर CISF में चयन हासिल किया है। वह जमुआ पूर्वी क्षेत्र की पहली बेटी हैं, जिन्होंने इस उपलब्धि के साथ देश की सुरक्षा में योगदान देने का सपना साकार किया है। चंचल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा कि आज की बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर लक्ष्य पाया जा सकता है।

वहीं जमुआ प्रखंड के धर्मपुर गांव निवासी सुमन सागर वर्मा एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता प्रभु प्रसाद वर्मा किसान हैं और माता सरस्वती देवी गृहिणी। पैराडाइज पब्लिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने वाले सुमन अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार, विशेषकर पिता के संघर्ष और त्याग को देते हैं।

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भाई प्रिंस वर्मा और बहन पिंकी देवी का सहयोग भी उनके लिए संबल बना। सुमन का मानना है कि ईमानदारी से की गई मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और परिवार का साथ ही सबसे बड़ी ताकत होता है।

चंचल कुमारी और सुमन सागर वर्मा—दोनों की सफलता ने यह संदेश दिया है कि चाहे बेटियाँ हों या बेटे, ग्रामीण पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और आत्मविश्वास से हर सपना पूरा किया जा सकता है। उनकी उपलब्धियों से पूरे जमुआ क्षेत्र में खुशी का माहौल है और वे समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।

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