नई दिल्ली/रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा को लेकर कथित पेपर लीक के आरोपों के बीच दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विशेष अनुमति याचिका (SLP) को शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया है। यह याचिका उन अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक का आरोप लगाया था और परीक्षा परिणाम व नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब इस पूरे मामले की निगरानी पहले से ही झारखंड हाईकोर्ट कर रहा है और हाईकोर्ट ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, तो ऐसे में शीर्ष अदालत द्वारा अलग से हस्तक्षेप करने का कोई औचित्य नहीं बनता।
हाईकोर्ट के निर्देशों को सुप्रीम कोर्ट ने बताया पर्याप्त
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में संतुलित रुख अपनाते हुए एक ओर जहां कथित पेपर लीक की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) के गठन का आदेश दिया है, वहीं दूसरी ओर सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया को बाधित न करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों में नियुक्तियों पर रोक लगाने का कोई ठोस आधार सामने नहीं आता।
कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने साफ तौर पर यह निर्देश दिया है कि जांच और नियुक्ति प्रक्रिया दोनों समानांतर रूप से चलेंगी, ताकि न तो दोषियों को संरक्षण मिले और न ही निर्दोष व सफल अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हो।
नियुक्तियों को प्रभावित करने का कोई ठोस कारण नहीं
शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहे हैं कि मौजूदा जांच प्रक्रिया के दौरान नियुक्तियों को रोकना अनिवार्य है। चूंकि एसआईटी मामले की जांच कर रही है और हाईकोर्ट स्वयं इस पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए है, इसलिए फिलहाल किसी भी तरह की न्यायिक दखल की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए खारिज कर दिया।
सफल अभ्यर्थियों की ओर से रखा गया पक्ष
सुप्रीम कोर्ट में सफल अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि राज्य सरकार द्वारा जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र पहले ही जारी किए जा चुके हैं और नियुक्ति प्रक्रिया को रोकना हजारों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की है।
झारखंड सरकार पहले ही जारी कर चुकी है नियुक्ति पत्र
गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए हैं और विभिन्न विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राज्य सरकार और सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था न्यायसंगत है और इससे सभी पक्षों के हितों की रक्षा होती है। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने दायर एसएलपी को खारिज कर दिया।
इस फैसले के बाद जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर जारी अनिश्चितता काफी हद तक समाप्त हो गई है, हालांकि कथित पेपर लीक की जांच एसआईटी द्वारा आगे भी जारी रहेगी।