होली पर सेहत से न करें समझौता, खानपान में बरतें खास सावधानी

Abhimanyu Kumar
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रंगों और खुशियों का पर्व होली पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है। घरों में तरह-तरह के पकवान बनते हैं, मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है और दिनभर रंग-गुलाल के साथ मस्ती चलती रहती है। लेकिन इसी उत्साह के बीच खानपान में थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।

तला-भुना, मीठा और मसालेदार भोजन इस त्योहार की पहचान बन चुका है। गुजिया, पकौड़े, नमकीन, जलेबी और ठंडाई जैसी चीजें लगभग हर घर में बनती हैं। इनका स्वाद भले ही लाजवाब हो, लेकिन अत्यधिक सेवन से एसिडिटी, अपच, पेट दर्द, फूड प्वाइजनिंग, ब्लड शुगर बढ़ना और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और डायटीशियन गरिमा गोयल के अनुसार, “होली के दिन लोग अक्सर बिना मात्रा का ध्यान रखे तला-भुना और मीठा खाते हैं, जिससे पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। खासकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या पेट संबंधी समस्या से जूझ रहे लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।”

ज्यादा तला-भुना और मीठा खाने से बचें

त्योहार का मतलब यह नहीं कि सेहत को नजरअंदाज कर दिया जाए। गुजिया और जलेबी जैसी मिठाइयों में चीनी और घी की मात्रा अधिक होती है, वहीं पकौड़े और नमकीन डीप फ्राई होने के कारण पचने में भारी होते हैं। इनका अधिक सेवन पेट में जलन, गैस और भारीपन पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इन व्यंजनों का स्वाद जरूर लें, लेकिन सीमित मात्रा में।

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं

होली के दौरान अक्सर लोग खाने-पीने में व्यस्त रहते हैं, लेकिन पानी पीना भूल जाते हैं। मौसम में बदलाव और रंग खेलने के दौरान पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। डिहाइड्रेशन से सिरदर्द, थकान और चक्कर आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ जैसे पेय भी फायदेमंद हो सकते हैं।

भूखे न रहें, समय पर लें हेल्दी स्नैक्स

त्योहार के दिन कई बार लोग मुख्य भोजन देर से करते हैं या लंबे समय तक भूखे रहते हैं। इससे ब्लड शुगर कम हो सकती है और कमजोरी महसूस हो सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक साथ अधिक खाने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में हल्का और पौष्टिक आहार लें। फल, सलाद, ड्राई फ्रूट्स या अंकुरित अनाज बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

विशेष सावधानी की जरूरत

डायबिटीज, हृदय रोग या गैस्ट्रिक समस्या से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बाहर का खुला और अस्वच्छ भोजन खाने से फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए घर का बना ताजा भोजन ही प्राथमिकता दें।

संतुलन ही है असली उत्सव

होली खुशियों का पर्व है, लेकिन असली आनंद तभी है जब सेहत भी साथ दे। थोड़ा संयम, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी का सेवन करके इस त्योहार को बिना किसी स्वास्थ्य समस्या के मनाया जा सकता है।

त्योहार की मिठास बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ख्याल रखा जाए।

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