गिरिडीह जिले के धनवार में अपराधियों ने दिनदहाड़े बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देकर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दी है। धनवार स्थित यूको बैंक की शाखा में हथियारबंद अपराधियों ने घुसकर बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया और करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात समेत लाखों रुपये नकद लूटकर फरार हो गए।
हैरानी की बात यह है कि बैंक से महज 100 मीटर की दूरी पर थाना स्थित है। इसके बावजूद अपराधियों ने बेखौफ होकर दिनदहाड़े इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना को लेकर शाखा प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर पांच अपराधी बैंक में पहुंचे। सबसे पहले एक अपराधी हेलमेट पहनकर बैंक के अंदर दाखिल हुआ और कस्टमर लॉबी में खड़ा हो गया। इसके कुछ ही देर बाद उसके पीछे चार अन्य अपराधी नकाब पहनकर बैंक में घुस आए।
सभी अपराधियों के पास हथियार थे। उन्होंने बैंक के कर्मचारियों और मौजूद ग्राहकों के कान पर बंदूक सटाकर उन्हें डराया और फिर सभी को एक कमरे में ले जाकर सेलोटेप से बांध दिया। इसके बाद अपराधियों ने बैंक में रखे करीब 3 से 4 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और 8 से 10 लाख रुपये नकद लूट लिए और मौके से फरार हो गए।
CCTV फुटेज में दिखे अपराधियों के भागने के दृश्य
इस बीच घटना से जुड़ा CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें संदिग्ध अपराधी दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर सवार होकर जाते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के अनुसार, एक अपाचे बाइक पर तीन लोग सवार नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी पल्सर बाइक पर दो लोग दिखाई दे रहे हैं। यानी दोनों मोटरसाइकिलों पर कुल पांच लोग नजर आ रहे हैं।
CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे इन दृश्यों से अपराधियों के भागने के तरीके को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। अब पुलिस के सामने इन मोटरसाइकिलों और उन पर सवार संदिग्धों की पहचान करना बड़ी चुनौती है।
दिनदहाड़े बैंक में हुई इस बड़ी लूट की घटना ने धनवार की कानून-व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर अपराधी इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम देकर फरार हो गए? बैंक में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद अपराधी इतनी बड़ी लूट करने में कैसे सफल रहे?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि धनवार में आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? आखिर कब अपराधियों पर लगाम लगेगी और कब लोगों को सुरक्षित माहौल मिलेगा?
फिलहाल पुलिस के सामने अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और लूटे गए सामान की बरामदगी की चुनौती है।