गिरिडीह जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही है। जिले के गावां, देवरी और तिसरी तीनों प्रखंडों की सीमा पर स्थित तिसरी प्रखंड अंतर्गत भंडारी पंचायत के आदर्श उच्च विद्यालय, लक्ष्मीपुर में देश की सबसे बड़ी एडटेक कंपनी Physics Wallah के संस्थापक एवं सीईओ अलख पांडेय की पहल पर एक अत्याधुनिक ‘अलख सर लाइब्रेरी’ का निर्माण किया जा रहा है। यह लाइब्रेरी पूरी तरह डिजिटल, हाईटेक और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का अवसर मिलेगा।
यह पहल इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि जिस विद्यालय में आज विश्वस्तरीय लाइब्रेरी बनने जा रही है, उसी विद्यालय ने कुछ वर्ष पहले बेहद कठिन दौर देखा था। लगभग पांच वर्ष पूर्व लगातार हुई बारिश के कारण विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। विद्यालय अनुदानित होने के कारण शिक्षकों एवं कर्मचारियों का भरण-पोषण सरकारी अनुदान पर निर्भर था। भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद यहां पढ़ाई-लिखाई भी प्रभावित हुई थी।
इस विद्यालय का स्थापना वित्तीय वर्ष 1987-88 में तत्कालीन कांग्रेसी विधायक तिलकधारी प्रसाद सिंह के विधायक कोष से विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया था। भवन टूटने के बाद फिर से नए भवन का निर्माण कराए जाने के बाद विद्यालय ने फिर से शिक्षा की राह पकड़ी और अब एक बार फिर यह विद्यालय पूरे जिले के लिए प्रेरणा का केंद्र बनने जा रहा है।
कभी ऐसा समय था जब इस विद्यालय में छात्रों के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव था। आधुनिक पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन और बेहतर अध्ययन वातावरण की कल्पना भी मुश्किल थी। लेकिन अब वही विद्यालय गिरिडीह जिले की पहली वर्ल्ड क्लास डिजिटल लाइब्रेरी का गवाह बनने जा रहा है।
ग्रामीण परिवेश में स्थित इस विद्यालय तक आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों की पहुंच सीमित रही है। ऐसे में ‘अलख सर लाइब्रेरी’ न केवल छात्रों को डिजिटल शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराएगी, बल्कि आसपास के गावां, देवरी और तिसरी प्रखंड के हजारों विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद का केंद्र बनेगी।
स्थानीय लोगों और छात्रों में इस परियोजना को लेकर भारी उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि यह लाइब्रेरी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाएगी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी अध्ययन सुविधाएं अपने गांव में ही उपलब्ध होंगी।
शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं तो दूर-दराज के गांव भी आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं। आने वाले समय में ‘अलख सर लाइब्रेरी’ केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि ग्रामीण छात्रों के सपनों को नई उड़ान देने वाला ज्ञान का केंद्र बनेगी।
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मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।