गिरिडीह कॉलेज की अनियमितताओं पर अभाविप ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन….

स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और जांच पूरी होने तक संबंधित पदाधिकारियों को दायित्व से अलग करने की मांग

Abhimanyu Kumar
4 Min Read
Highlights
  • अभाविप ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
  • गिरिडीह कॉलेज मामले में स्वतंत्र जांच की मांग
  • जांच पूरी होने तक संबंधित पदाधिकारियों को दायित्व से अलग करने की मांग
  • दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच की मांग
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विद्यार्थियों के मुद्दों पर राज्यपाल से मिला अभाविप का प्रतिनिधिमंडल, विश्वविद्यालयों की अनियमितताओं पर उच्चस्तरीय जाँच की मांग

गिरिडीह। गिरिडीह कॉलेज में लंबे समय से सामने आ रही वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने अब मामले को राज्यपाल सह विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष गंगवार के समक्ष उठाया है। अभाविप के प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर गिरिडीह कॉलेज से संबंधित दस्तावेज एवं साक्ष्यों के साथ विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

 

अभाविप ने राज्यपाल के समक्ष मांग रखी कि गिरिडीह कॉलेज के पूरे प्रकरण की विश्वविद्यालय प्रशासन से स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति गठित कर निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित पदाधिकारियों को उनके प्रशासनिक एवं वित्तीय दायित्वों से अलग किया जाए, ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार के दस्तावेज अथवा अभिलेख प्रभावित न हों।

अभाविप के अनुसार, मामले में केवल मौखिक आरोप नहीं हैं, बल्कि परीक्षा बिल, मानदेय भुगतान संबंधी अभिलेख, हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज, उपस्थिति पंजी, परीक्षा रिकॉर्ड, IGNOU अध्ययन केंद्र से जुड़े अभिलेख, कार्यालयीय पत्राचार एवं बैंक संबंधी दस्तावेज सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध हैं। संगठन ने इन दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर हस्ताक्षरों एवं वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है।

 

“साक्ष्यों के आधार पर हो निष्पक्ष जांच” — मंटू मुर्मू

प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू ने कहा, “गिरिडीह कॉलेज का मामला विद्यार्थियों और कॉलेज की व्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है। हमारे पास इस पूरे प्रकरण से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य हैं। इसलिए हमारी मांग स्पष्ट है कि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो तथा जांच के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को वित्तीय एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अलग रखा जाए।”

उन्होंने कहा, “अभाविप किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। हम चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए और यदि जांच में कोई वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो। विद्यार्थियों के हित और कॉलेज की व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

“कॉलेज की व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी” — मंटू मुर्मू

प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू ने कहा, “गिरिडीह कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच इन मामलों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जब गंभीर शिकायतों के साथ दस्तावेज सामने रखे जा रहे हों, तब उनकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। जांच को किसी संस्था या व्यक्ति के प्रभाव से मुक्त रखकर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि “अभाविप विद्यार्थियों की आवाज को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। कॉलेज में वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था पारदर्शी हो, विद्यार्थियों के अधिकार सुरक्षित रहें और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो—इसी उद्देश्य से राज्यपाल के समक्ष यह मामला रखा गया है।

राज्यपाल ने मामले को संवेदनशीलता से सुना

प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और गिरिडीह कॉलेज से जुड़े प्रश्नों को राज्यपाल संतोष गंगवार ने संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त करने तथा लोक भवन से जल्द संबंधित विश्वविद्यालय को सूचना जारी करने का आश्वासन प्रतिनिधिमंडल को दिया।

 

अभाविप ने कहा कि राज्यपाल के समक्ष मामला पहुंचने के बाद संगठन को उम्मीद है कि गिरिडीह कॉलेज से संबंधित शिकायतों एवं उपलब्ध दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की दिशा में शीघ्र कार्रवाई होगी।

 

अभाविप ने स्पष्ट किया कि गिरिडीह कॉलेज के विद्यार्थियों के हित, पारदर्शी प्रशासन और निष्पक्ष जांच को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज मजबूती से उठाता रहेगा।

 

प्रतिनिधिमंडल में प्रांत अध्यक्षा डॉ. मौसमी पॉल, प्रांत संगठन मंत्री पशुपति नाथ उपमन्यु, प्रदेश सह मंत्री अभय वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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