दिनभर आते हैं लोन और ऑफर के फर्जी कॉल? जानिए TRAI का नया नियम आपको कैसे बचाएगा…

Pintu Kumar
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नई दिल्ली: मोबाइल उपभोक्ताओं को दिनभर परेशान करने वाली फर्जी लोन, क्रेडिट कार्ड और इंश्योरेंस ऑफर्स की कॉल्स पर अब पूरी तरह लगाम कसने की तैयारी हो चुकी है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने स्पैम कॉल्स और अनचाहे व्यावसायिक संदेशों (UCC) पर नकेल कसने के लिए टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन में तीसरा संशोधन करते हुए नियमों को अत्यधिक कड़ा कर दिया है।

नए नियमों के लागू होने के बाद अब स्पैमर्स केवल सिम या नंबर बदलकर कार्रवाई से नहीं बच सकेंगे।

AI और मशीन लर्निंग से होगी संदिग्ध नंबरों की निगरानी

TRAI के निर्देशानुसार टेलीकॉम ऑपरेटरों को अपने नेटवर्क पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित डिटेक्शन सिस्टम तैनात करना होगा। अब कार्रवाई के लिए केवल यूजर की शिकायत का इंतजार नहीं किया जाएगा। यदि किसी एक नंबर के खिलाफ 10 दिनों में 3 अलग-अलग ग्राहकों की शिकायत दर्ज होती है और AI सिस्टम भी उसे संदिग्ध चिह्नित करता है, तो तुरंत दंडात्मक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा, एक ऑपरेटर के नेटवर्क पर चिह्नित संदिग्ध सेंडर का डेटा अन्य सभी टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझा किया जाएगा।

5 नंबर संदिग्ध मिले तो कनेक्शन होगा बंद

नियामक ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संस्था या सेंडर से जुड़े 5 या उससे अधिक नंबर 10 दिनों के भीतर संदिग्ध पाए जाते हैं, तो टेलीकॉम कंपनियां चरणबद्ध कार्रवाई करेंगी:

*संबंधित सेंडर के सभी नंबरों का दोबारा KYC और फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जाएगा।

* प्राथमिक तौर पर आउटगोइंग कॉलिंग सेवा तुरंत निलंबित की जा सकती है।

* बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर सेंडर के सभी टेलीकॉम रिसोर्सेज को डिस्कनेक्ट कर उसे स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

*रोबो और ऑटो-डायलर कॉल्स पर पूर्व-घोषणा अनिवार्य

एप्लिकेशन-टू-पर्सन (A2P) कॉलिंग, जिसमें ऑटो-डायलर, रोबो कॉल्स और प्री-रिकॉर्डेड वॉइस मैसेज शामिल हैं, के लिए कंपनियों को पहले अपने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर को घोषणा (डिक्लेरेशन) देनी होगी। बिना पूर्व सूचना के की गई किसी भी स्वचालित कॉल को अवैध और गैर-कानूनी स्पैम माना जाएगा। हालांकि, यदि किसी उपभोक्ता ने खुद किसी उत्पाद या सेवा के संबंध में लिखित या डिजिटल पूछताछ की है, तो कंपनी संपर्क कर सकती है, बशर्ते कंपनी के पास उस अनुरोध का डिजिटल साक्ष्य मौजूद हो।

1600 और 1601 सीरीज से पहचानें जरूरी कॉल्स

TRAI ने उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बैंकों, सरकारी एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों और डिलीवरी सेवाओं से आने वाली जरूरी कॉल्स के लिए विशेष रूप से 1600 और 1601 नंबर सीरीज निर्धारित की गई है। नियामक ने 1601 सीरीज को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य करने का निर्देश दिया है, ताकि आम नागरिक जरूरी सेवा और फर्जी स्पैम कॉल के बीच आसानी से फर्क कर सकें।

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