गावां: गिरिडीह जिले के गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत बीटीटी (ब्लॉक ट्रेनिंग टीम) कर्मी पर बंध्याकरण के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के नाम पर पैसे लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बीटीटी कर्मी उषा कुमारी को रुपए लेते हुए देखा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने उठाए सवाल
वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बीटीटी कर्मी को 200 रुपये का नोट देता है, जिसके बाद उसे 100 रुपये वापस किए जाते हैं। इस दृश्य ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
बीटीटी कर्मी का बचाव – खुल्ले पैसे करवाने का दिया तर्क
वहीं, जब इस मामले को लेकर बीटीटी कर्मी उषा कुमारी से बात की गई, तो उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो बनाने वाले लोगों ने पैसे खुल्ले करवाने के नाम पर वीडियो बनाया है। उनके अनुसार, यह वीडियो उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने कही जांच की बात
इस संबंध में जब प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी (BMO) डॉ. महेश्वरम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अब तक पैसे लेने की कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि इस संबंध में कोई ठोस प्रमाण सामने आता है, तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद गावां प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य विभाग के कर्मी इस तरह पैसे लेंगे, तो गरीबों को निशुल्क मिलने वाली सेवाओं का क्या होगा? स्थानीय प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके।
स्वास्थ्य विभाग की साख दांव पर..
गिरिडीह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पहले भी कई तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में इस नए मामले ने विभाग की साख को और कमजोर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या बीटीटी कर्मी पर लगे आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं।