एजुकेशन सेक्टर में सबसे बड़ी डील! फिजिक्सवाला करेगा दृष्टि IAS का अधिग्रहण, 2,500 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक बातचीत…

Pintu Kumar
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नई दिल्ली: भारतीय शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले दृष्टि IAS के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति अब अपने पूरे बिजनेस को बेचने की तैयारी में हैं। उनके इस प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान को खरीदने के लिए भारत की अग्रणी एडुटेक कंपनी फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) के संस्थापक अलख पांडेय ने विशेष रुचि दिखाई है। इन दोनों कंपनियों के बीच बातचीत अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यदि यह डील सफल होती है तो यह भारतीय एडुटेक क्षेत्र की सबसे बड़ी खरीद-फरोख्त में शामिल होगी। यह सौदा लगभग 2,500 करोड़ रुपये में पूरा होने की संभावना है।

भारतीय एजुटेक जगत में बड़ा बदलाव

इंडस्ट्री ट्रैकर इनट्रैकर की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, फिजिक्सवाला और दृष्टि IAS के बीच इस अधिग्रहण को लेकर चर्चा जनवरी से ही चल रही है। दृष्टि IAS, जो पिछले 26 वर्षों से UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को प्रशिक्षण दे रहा है, भारतीय कोचिंग सेक्टर का एक बड़ा नाम बन चुका है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो यह न केवल दृष्टि IAS के लिए एक नया अध्याय होगा बल्कि भारतीय एडुटेक उद्योग में भी एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा।

फिजिक्सवाला का IPO और विस्तार की योजना

फिजिक्सवाला, जिसे एडुटेक यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त है, अपनी आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ करने के लिए जल्द ही अपना 50 करोड़ डॉलर (लगभग 4,300 करोड़ रुपये) का IPO लाने की तैयारी कर रहा है। यह कंपनी पहले से ही अपने वैल्यूएशन को 5 अरब डॉलर (करीब 50,000 करोड़ रुपये) तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि IPO लाने के बाद ही यह स्टार्टअप दृष्टि IAS के अधिग्रहण को अंतिम रूप देगा।

वित्तीय प्रदर्शन और बाजार में प्रभाव

विकास दिव्यकीर्ति द्वारा संचालित दृष्टि IAS ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 405 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जिसमें 90 करोड़ रुपये का मुनाफा शामिल है। संस्था का मुख्य केंद्र दिल्ली के मुखर्जी नगर में स्थित है, जिसने कुल राजस्व का 58% उत्पन्न किया। इसके अलावा, दृष्टि IAS के अन्य केंद्र प्रयागराज, जयपुर और करोलबाग में भी स्थित हैं।

दूसरी ओर, फिजिक्सवाला की आय में भी जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी की कमाई बढ़कर 1,940.4 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, इस दौरान कंपनी के खर्चों में भी वृद्धि हुई, जिससे 2023 में 84 करोड़ रुपये के मुकाबले 2024 में उसका नुकसान बढ़कर 1,131 करोड़ रुपये हो गया।

दृष्टि IAS के CEO विवेक तिवारी ने इस डील को लेकर फिलहाल किसी भी तरह की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा, “हम अपने भविष्य की योजनाओं के लिए कई संगठनों से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।”

यदि यह सौदा सफल होता है, तो यह भारत के एजुटेक सेक्टर में एक ऐतिहासिक क्षण होगा। यह न केवल दृष्टि IAS के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगा बल्कि फिजिक्सवाला को भी UPSC कोचिंग के क्षेत्र में एक प्रमुख स्थान प्रदान करेगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह सौदा किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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