गिरिडीह-जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चला रही गिरिडीह पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। गांडेय और अहिल्यापुर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो ऐसे शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी तलाश साइबर पुलिस को काफी समय से थी। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान गांडेय थाना क्षेत्र के घाटकुल निवासी मो. कैफ अंसारी (पिता- नूर मोहम्मद) और मो. रिजवान अंसारी (पिता- सब्बीर अंसारी) के रूप में हुई है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि घाटकुल गांव में कुछ साइबर अपराधी बड़ी ठगी की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही गांडेय और अहिल्यापुर थाना की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई की। हालांकि इस दौरान एक अपराधी फरार होने में सफल हो गया, लेकिन पुलिस की सतर्कता और घेराबंदी से दो साइबर अपराधी गिरफ्त में आ गए।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को साइबर थाना को सौंप दिया गया, जहां साइबर डीएसपी आबिद खान खुद उनसे पूछताछ कर रहे हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस ने इस मामले में अभी कुछ भी बताने से इनकार किया है, लेकिन पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी कई चौंकाने वाले खुलासे कर रही है।
पैनल क्रिएटर और APK फाइल निर्माता निकले आरोपी
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि वे पैनल क्रिएटर और APK फाइल निर्माता हैं। ये लोग फिशिंग और अन्य धोखाधड़ी वाले APK फाइल बनाकर साइबर अपराधियों को प्रति फाइल तीन हजार से दस हजार रुपये में बेचते थे। इसके अलावा, वे अन्य साइबर अपराधियों को इस तरह की फाइलें तैयार करने की ट्रेनिंग भी देते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इन अपराधियों को ट्रेनिंग देने के लिए झारखंड और अन्य राज्यों के कुख्यात साइबर अपराधी घाटकुल गांव में आते थे, और ये लोग खुद भी बाहर जाकर ट्रेनिंग लिया करते थे।
एक महीने में 20 लाख की ठगी, अब तक 50 लाख से अधिक की कमाई
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन अपराधियों ने केवल एक महीने में करीब 20 लाख रुपये की ठगी की है, जबकि अब तक कुल ठगी की राशि 50 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह गिरोह संगठित तरीके से काम करता था, और इसके तार राज्य के बाहर तक फैले हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही फरार आरोपी को भी पकड़ने का दावा कर रही है।
स्थानीय लोगों में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोग हैरान हैं कि उनके गांव में बैठकर इतने बड़े पैमाने पर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। वहीं गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।