गिरिडीह : जिला उपायुक्त श्री रामनिवास यादव के निर्देश पर मंगलवार को नगर भवन में पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त श्रीमती स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी गिरिडीह व खोरीमहुआ, डीआरडीए निदेशक, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में सुधार और अधिकारियों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि पंचायत उन्नति सूचकांक देशभर की 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों की प्रगति मापने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्य (LSDG) के तहत नौ प्रमुख विषयों पर पंचायतों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है। इनमें गरीबी मुक्त पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल-अनुकूल पंचायत, जल-पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सुरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत और महिला हितैषी पंचायत शामिल हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायतों की रैंकिंग में सुधार के लिए पीएआई पोर्टल पर समय पर और सटीक डाटा अपलोड करना अनिवार्य है। यदि दस्तावेजीकरण समय पर नहीं होगा, तो अच्छे कार्य के बावजूद पंचायतें रैंकिंग में पीछे रह सकती हैं। उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड व पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों की सटीक जानकारी समय पर दर्ज करें और सामूहिक प्रयास से सूचकांक में सुधार लाएं।
कार्यक्रम के दौरान पंचायत उन्नति सूचकांक में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बीडीओ, सीओ और पंचायत मुखिया को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पंचायतों की कार्यकुशलता बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामवासियों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी।