गिरिडीह में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिल पाई है। यह खबर जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी निराशा लेकर आई है। राज्य सरकार ने धनबाद, देवघर, खूंटी, गिरिडीह, जामताड़ा और पूर्वी सिंहभूम के सदर अस्पतालों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। हालांकि अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना समाप्त होती दिख रही है। 
Advertisementएक आरटीआई के जवाब में केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गिरिडीह जिले को अब तक मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति नहीं दी गई है। आरटीआई कार्यकर्ता सुरेन्द्र पांडेय के अनुसार, 7 अक्टूबर को प्राप्त पत्र में मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय सहायता से झारखंड के केवल पांच जिलों—दुमका, हजारीबाग, पलामू, कोडरमा और हजारीबाग—में नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की मंजूरी दी गई है। इस सूची में गिरिडीह का नाम शामिल नहीं है।
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जुलाई में झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार ने केंद्र सरकार से राज्य के प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देने और आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया था। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और सांसद विजय कुमार हांसदा भी मौजूद थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने उस समय राज्य सरकार के प्रयास की सराहना करते हुए प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति और सहयोग का आश्वासन दिया था।

हालांकि अब मंजूरी नहीं मिलने से गिरिडीह के लोगों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र से पुनः इस प्रस्ताव पर विचार करने की मांग की है ताकि जिले में उन्नत चिकित्सा सुविधा और मेडिकल शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हो सके।

मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।