“वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूरे होने पर दुमका के खूंटा बांध भव्य समारोह का आयोजन…

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दुमका के खूंटा बांध में आज प्रातः ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन 4 झारखंड गर्ल्स बटालियन एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) के तत्वावधान में किया गया। वर्ष 1875 में अखंड नवमी (अक्षय नवमी) के दिन रचना गए देशभक्ति के इस अमर गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर पूरे देश के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 08:30 बजे राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान से हुआ। इस अवसर पर 200 एनसीसी कैडेट्स ने अपनी दमकती वर्दियों में गर्व से भाग लिया। इसके साथ ही लाल बहादुर शास्त्री मिडिल स्कूल, खूंटा बांध, दुमका के 50 छात्र-छात्राओं ने भी इस ऐतिहासिक आयोजन में सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम स्थल को राष्ट्रीय ध्वज और तिरंगे रंगों से सुसज्जित किया गया था, जिससे देशभक्ति की भावना वातावरण में व्याप्त हो गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता 4 झारखंड गर्ल्स बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अनिल कुमार ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारे राष्ट्र की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह गीत माँ भारती के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण की भावना को व्यक्त करता है। कर्नल कुमार ने आगे कहा कि हमारे देश के युवाओं, विशेष रूप से एनसीसी कैडेट्स, को इस गीत की भावना को अपने आचरण और कर्म में उतारना चाहिए ताकि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को और सशक्त बनाया जा सके।

कर्नल अनिल कुमार ने इस अवसर पर सभी उपस्थित कैडेट्स, विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनना हम सबके लिए गौरव की बात है। ‘वंदे मातरम्’ ने हमें स्वतंत्रता की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा दी थी, और आज यह गीत हमें अपने कर्तव्यों और देशप्रेम की याद दिलाता है।

कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स द्वारा देशभक्ति गीतों, समूह नृत्य और कविताओं का मनमोहक प्रदर्शन किया गया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितों ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया और माँ भारती के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।

एनसीसी कैडेट्स ने इस अवसर पर राष्ट्रसेवा, अनुशासन और एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कर्नल अनिल कुमार ने कहा कि झारखंड की बेटियाँ आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, और एनसीसी के माध्यम से उनमें देशभक्ति, नेतृत्व और सेवा की भावना विकसित हो रही है।

यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक रहा कि समय भले ही बदल जाए, पर ‘वंदे मातरम्’ की भावना सदैव भारतीय हृदयों में जीवित रहेगी। यह गीत आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देता रहेगा कि मातृभूमि की सेवा ही सच्ची उपासना है।

समारोह का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद सभी कैडेट्स और छात्र-छात्राओं ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष के साथ इस ऐतिहासिक दिन को स्मरणीय बना दिया।