बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू दास की निर्मम ह,त्या को लेकर पूरे देश में आक्रोश की लहर है। इस घटना की गूंज गिरिडीह में भी सुनाई दी, जहां गुरुवार को हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आक्रोश मार्च निकाला।
आक्रोश मार्च झंडा मैदान से शुरू होकर टावर चौक तक पहुँचा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और “बांग्लादेश मुर्दाबाद”, “हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। टावर चौक पहुँचने पर प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दीपू दास की ह,त्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि मानवता और लोकतांत्रिक मूल्यों की ह,त्या है। उनका आरोप था कि बांग्लादेश में लगातार अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है और वहाँ की सरकार सुरक्षित माहौल देने में नाकाम रही है।
हिंदू संगठनों ने भारत सरकार से मांग की कि इस घटना पर बांग्लादेश के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाए और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की।
इस दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखी, जिससे मार्च शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार नहीं रुके, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।