गिरिडीह: जिले के बालमुकुंद स्पंज आयरन फैक्ट्री में कार्य के दौरान हुए एक गंभीर हादसे में 28 वर्षीय मजदूर राजाराम कुशवाहा की मौत हो गई। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया है। मृतक के परिजन फैक्ट्री गेट के सामने शव रखकर मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।
मृतक के भाई राधेश्याम कुशवाहा ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से फोन कर सूचना दी गई कि राजाराम काम के दौरान घायल हो गया है। उसे तत्काल गिरिडीह के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने धनबाद रेफर कर दिया। धनबाद पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि राजाराम अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे पत्नी, आठ वर्षीय बेटी और तीन वर्षीय पुत्र को छोड़ गया है। परिजन फैक्ट्री प्रबंधन से उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और स्थायी सहायता की मांग कर रहे हैं।
घटना को लेकर जेएलकेएम नेता नागेंद्र चंद्रवंशी ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के कई घंटे बीत जाने के बावजूद प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज करते हुए सड़क जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन की होगी।
वहीं झारखंड युवा मोर्चा के नेता हसनैन अली ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण मजदूरों की जान जा रही है। उन्होंने सभी फैक्ट्री प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और हादसे की स्थिति में पीड़ित परिवारों को तत्काल व पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की।
धरने के कारण फैक्ट्री गेट के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने के साथ परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है। अन्य मजदूरों में भी घटना को लेकर रोष देखा जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।