मईयां सम्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 10 माह तक पुरुष के खाते में जाती रही राशि…

मईयां सम्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, पुरुष के खाते में 10 महीने तक जाती रही राशि

Abhimanyu Kumar
4 Min Read
Highlights
  • सिमडेगा में मईयां सम्मान योजना में फर्जीवाड़ा उजागर
  • पुरुष के खाते में 10 महीने तक भेजी गई राशि
  • आरोपी ने गलत जानकारी देकर लिया योजना का ला
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सिमडेगा: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मईयां सम्मान योजना’ में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से चलाई जा रही इस योजना की राशि पिछले 10 महीनों से एक पुरुष के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही थी। मामला सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड का है, जहां सत्यापन अभियान के दौरान इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि टिनगिना निवासी पंकज कुमार नाग नामक युवक ने कथित रूप से गलत जानकारी दर्ज कर योजना का लाभ प्राप्त किया और उसके खाते में कुल 30 हजार रुपये भेजे गए।

 

प्रखंड प्रशासन द्वारा लाभुकों के सत्यापन के दौरान जब दस्तावेजों की जांच की गई तो पाया गया कि महिलाओं के लिए आरक्षित योजना का लाभ एक पुरुष को मिल रहा है। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से गलत तरीके से आवेदन दर्ज कर योजना का लाभ लिया जा रहा था।

प्रज्ञा केंद्र के जरिए की गई थी गड़बड़ी

प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से स्वयं के नाम पर गलत एंट्री कर योजना का लाभ उठाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जलडेगा थाना में आरोपी पंकज कुमार नाग, उसके पिता मदन नाग तथा संबंधित सीएससी (प्रज्ञा केंद्र) संचालक के खिलाफ लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी है।

इतना ही नहीं, मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन पंचायत सचिव सनातन सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आवेदन प्रक्रिया और सत्यापन के दौरान इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

राशि वापस जमा कराई गई

मामला उजागर होने और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपी पंकज कुमार नाग ने प्रखंड नजारत में 30 हजार रुपये की पूरी राशि जमा करा दी है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि केवल राशि लौटाने से मामला समाप्त नहीं होगा। पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा किसकी मिलीभगत से महिलाओं के लिए बनी योजना का लाभ एक पुरुष तक पहुंचा।

जांच में सामने आ सकते हैं और मामले

इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सभी लाभार्थियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तो ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि योजना में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग न कर सके।

प्रशासन सख्त, दोषियों पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मईयां सम्मान योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को ही मिलना चाहिए। योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला न केवल सरकारी योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समय-समय पर सत्यापन अभियान चलाना कितना आवश्यक है, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

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