रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा उनके नजदीक उपलब्ध कराने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया है। मंगलवार को परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जिला मुख्यालय या दूर-दराज के परिवहन कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम जनता को उनके घर के निकट ही बेहतर और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना है। पंचायत स्तर पर शिविर लगने से ग्रामीणों को समय और धन दोनों की बचत होगी तथा अधिक से अधिक लोग वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जिलावार मैपिंग और रूट चार्ट तैयार करने का निर्देश दिया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और यातायात सुविधाओं का विस्तार करने की आवश्यकता है, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पीड़ितों की सहायता से जुड़ी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुड सेमेरिटन योजना और हिट एंड रन मुआवजा योजना की जानकारी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूकता के अभाव में कई पात्र लोग इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसलिए विभिन्न माध्यमों से इन योजनाओं का प्रचार सुनिश्चित किया जाए ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में जल्द ही ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा-1944′ शुरू की जाएगी। इस सेवा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस योजना को शीघ्र लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह सेवा लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परिवहन विभाग को सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निगरानी तथा आम जनता तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और परिवहन सेवाओं को अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं जनहितकारी बनाया जाए।
मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।