गिरिडीह: प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) सदस्य और 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ ‘टाइगर’ की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी अनीता किस्कू उर्फ बबीता ने भी सरकार की “नई दिशा” आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण कर दिया। बबीता को संगठन की हार्डकोर महिला नक्सली माना जाता था और वह लंबे समय तक पारसनाथ जोन में महिला दस्ते का नेतृत्व करती रही है।
पुलिस के अनुसार, बबीता की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को माओवादी संगठन से जोड़ना, उन्हें प्रशिक्षण देना और महिला दस्ते को मजबूत करना था। संगठन के शीर्ष नेतृत्व में भी उसकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी। उसके खिलाफ धनबाद, गिरिडीह, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) समेत कई जिलों में नक्सली गतिविधियों से जुड़े अनेक मामले दर्ज हैं।

गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि अनीता किस्कू वर्ष 2009 में माओवादी विचारधारा से प्रभावित होकर संगठन में शामिल हुई थी। वर्ष 2017 में उसे एरिया कमेटी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार की आत्मसमर्पण नीति “नई दिशा” से प्रभावित होकर उसने सरेंडर किया है। सरकार की नीति के तहत उसे निर्धारित सुविधाएं और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
एसपी ने कहा कि बबीता के आत्मसमर्पण से संगठन के नेटवर्क, शीर्ष नेताओं और नक्सली गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। वहीं आत्मसमर्पण के बाद बबीता ने भी रेड कॉरिडोर में सक्रिय नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की।
इधर, अजय महतो उर्फ ‘टाइगर’ की गिरफ्तारी के बाद गिरिडीह में नक्सल विरोधी अभियान और तेज कर दिया गया है। पुलिस और सुरक्षा बल शेष नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। इस मौके पर नक्सल एएसपी सुरजीत कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद थे।

मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।