मधुबन में कचरा और गंदे पानी के प्रबंधन पर प्रशासन की नजर, संस्थाओं को नियमों के पालन का निर्देश…

Abhimanyu Kumar
2 Min Read
Highlights
  • Grey Water और Solid Waste Management की व्यवस्था की हुई समीक्षा।
  • गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण पर विशेष जोर।
  • Grey Water के वैज्ञानिक एवं उचित प्रबंधन के निर्देश।
  • कचरे के निर्धारित तरीके से संग्रहण और निस्तारण को लेकर दिशा-निर्देश।
  • मधुबन गेस्ट हाउस में प्रशासन और संस्थाओं की बैठक।
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पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। इसी क्रम में मधुबन गेस्ट हाउस में अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरी की अध्यक्षता में स्थानीय जैन धर्मशाला, ट्रस्ट एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में Grey Water Management और Solid Waste Management से जुड़ी तैयारियों, मौजूदा व्यवस्था और संस्थाओं द्वारा किए जा रहे उपायों की समीक्षा की गई।

बैठक में प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, धनबाद के क्षेत्र पदाधिकारी ने Grey Water के उचित प्रबंधन के साथ-साथ Solid एवं Wet Waste के पृथक्करण, संग्रहण और निस्तारण से संबंधित आवश्यक जानकारी दी। संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पर्यावरणीय मानकों और सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए।

संस्थाओं की मौजूदा व्यवस्था की हुई समीक्षा

अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरी ने विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों से उनके परिसरों में Grey Water और ठोस कचरे के प्रबंधन को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, निस्तारण और जल निकासी की व्यवस्था की समीक्षा की गई और आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर चर्चा हुई।

 

प्रशासन ने कहा कि क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को प्रभावी, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल बनाना जरूरी है। संस्थाओं को अपने परिसरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, Grey Water का उचित प्रबंधन करने तथा अपशिष्ट का निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित प्रयास पर जोर

बैठक में प्रशासन और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों ने पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी भी साझा की।

बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, पीरटांड़, अंचल अधिकारी, पीरटांड़, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, धनबाद के क्षेत्र पदाधिकारी सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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