गिरिडीह। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेतृत्व में गिरिडीह कॉलेज में पिछले 12 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन शुक्रवार को अहम मोड़ पर पहुंच गया। परिषद के दो कार्यकर्ता नीरज चौधरी और अनीश राय, जो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे, उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि, ABVP ने स्पष्ट किया है कि दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

ABVP के प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू ने बताया कि 25 सितंबर 2026 को विश्वविद्यालय द्वारा गिरिडीह कॉलेज के प्राचार्य मृगेंद्र नारायण सिंह को पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा महामहिम राज्यपाल ने टेलिफोनिक वार्ता के दौरान सात दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, कुलपति ने भी निष्पक्ष जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई करने की बात कही है।

इन आश्वासनों के बाद गिरिडीह कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य के.एन. शर्मा, एस.पी. सिन्हा और मुकेश रंजन सिंह ने संयुक्त रूप से नीरज चौधरी और अनीश राय को जूस और मिठाई खिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई।
यूनिवर्सिटी के फैसले का स्वागत, अब निष्पक्ष जांच की मांग
मंटू मुर्मू ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय समय रहते यह निर्णय नहीं लेता तो आंदोलन और उग्र हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज फंड में करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मामला गंभीर है और अब पूरे प्रकरण की गहराई से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि गबन की गई राशि का सच सामने आ सके।
कॉलेज परिसर में जश्न का माहौल
अनशन समाप्त होने के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। छात्रों ने कहा कि कॉलेज में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
इस मौके पर मिथुन चंद्रवंशी, अनूप यादव, नितेश तिवारी, बिट्टू मोदी, अभिजीत सिन्हा, सदानंद राय, संदीप वर्मा, अभिनव जीत सहित बड़ी संख्या में ABVP कार्यकर्ता और विद्यार्थी मौजूद रहे।

मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।