गिरिडीह: बिहार सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 30 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व परिचित होने का फायदा उठाकर आरोपियों ने न सिर्फ नौकरी का भरोसा दिलाया, बल्कि रकम लेने के बाद फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी थमा दिया। मामले में नगर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गार्डेना गली निवासी सुमंतो सेन गुप्ता के रूप में हुई है। उसे सोमवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारा गिरिडीह भेज दिया गया।
मामले में सुमंतो के भाई शुभो सेन गुप्ता तथा रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के किशोरगंज निवासी संजीव जायसवाल को भी नामजद किया गया है। दोनों फिलहाल फरार हैं। नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी की जा रही है।
बच्चों की नौकरी लगाने का दिया था भरोसा
नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार नगीना सिंह रोड निवासी सुजीत बनर्जी की शुभो सेन गुप्ता से पूर्व से पहचान थी। इसी पहचान और विश्वास का कथित तौर पर फायदा उठाते हुए शुभो सेन गुप्ता ने सुजीत बनर्जी के बच्चों को बिहार सचिवालय में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे लगातार रकम की मांग की गई। आरोपियों ने यह विश्वास दिलाया कि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नौकरी के लिए एडवांस राशि जमा करनी होगी। इसी भरोसे में आकर उन्होंने कर्ज लेकर रकम जुटाई।
घर पहुंचकर पांच लाख नकद लेने का आरोप
प्राथमिकी के मुताबिक तीन दिसंबर 2025 को शुभो सेन गुप्ता का भाई सुमंतो सेन गुप्ता नगीना सिंह रोड स्थित सुजीत बनर्जी के आवास पहुंचा और वहां कथित तौर पर पांच लाख रुपये नकद लिये। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में विभिन्न माध्यमों से रकम का भुगतान किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इस तरह कुल 30 लाख रुपये आरोपियों को दिये गये। इसमें कई किस्तों में रकम रांची निवासी संजीव जायसवाल के बैंक खाते में भेजे जाने का आरोप है। वहीं, शुभो और सुमंतो द्वारा घर पर आकर नकद रुपये लेने की बात भी प्राथमिकी में कही गई है।
आरोप है कि नौकरी के नाम पर रकम लेने के लिए आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से पूरा मामला तैयार किया। लगातार रकम लेने के बाद जब नौकरी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर दबाव बनाना शुरू किया।
दबाव बढ़ा तो थमा दिया पटना सचिवालय का कथित फर्जी लेटर
काफी समय तक टालमटोल करने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर पटना सचिवालय में ज्वाइनिंग का लेटर उपलब्ध कराया। शिकायतकर्ता के अनुसार, दस्तावेज को इस तरह तैयार किया गया था कि पहली नजर में वह वास्तविक प्रतीत हो। उसमें हस्ताक्षर, मुहर, लेटर नंबर और ज्वाइनिंग की तारीख भी दर्ज थी।
ज्वाइनिंग लेटर मिलने के बाद शिकायतकर्ता को विश्वास हो गया कि अब नौकरी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन जब वे उक्त लेटर लेकर पटना पहुंचे और संबंधित कार्यालय में इसकी जानकारी ली, तो कथित तौर पर पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। इसके बाद शिकायतकर्ता को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ।
अमरदीप गुप्ता से भी रकम लेने का आरोप
प्राथमिकी में सुजीत बनर्जी ने अपने परिचित बरमसिया रोड निवासी अमरदीप गुप्ता का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि अमरदीप गुप्ता से भी आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिये थे।
रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी का आरोप
फर्जी ज्वाइनिंग लेटर का मामला सामने आने के बाद सुजीत बनर्जी ने आरोपियों से अपने 30 लाख रुपये वापस मांगे। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि रकम लौटाने के बजाय आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी देना शुरू कर दिया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई। उनकी दुकान में लूटपाट करवाकर हत्या कराने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब कथित तौर पर 30 लाख रुपये के लेन-देन, संजीव जायसवाल के बैंक खाते में भेजी गई रकम, नकद भुगतान तथा ज्वाइनिंग लेटर से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नौकरी के नाम पर कथित ठगी के इस मामले में कितने लोग शामिल हैं और क्या अन्य लोगों से भी इसी तरह रकम ली गई है। फिलहाल एक आरोपी न्यायिक हिरासत में है, जबकि दो नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है।