झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, गिरिडीह के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस…

देर रात अचानक बिगड़ी तबीयत, हार्ट अटैक जैसी आशंका; चिकित्सकों ने बचाने का किया प्रयास, लेकिन नहीं मिली सफलता

Abhimanyu Kumar
7 Min Read
Highlights
  • झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन
  • गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में कराया गया था भर्ती
  • चिकित्सकों की टीम ने बचाने का किया प्रयास
  • शनिवार देर रात अचानक बिगड़ी थी तबीयत
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गिरिडीह। झारखंड की राजनीति से रविवार सुबह एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है। झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया है। शनिवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया। काफी प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात सुदिव्य कुमार सोनू की अचानक तबीयत खराब हुई। प्रारंभिक जानकारी में हार्ट अटैक जैसी समस्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, निधन के वास्तविक चिकित्सकीय कारण की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया। इस दौरान चिकित्सकों और प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। देर रात तक उनकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। पहले यह खबर सामने आई कि मंत्री की हालत नाजुक बनी हुई है, लेकिन कुछ समय बाद उनके निधन की सूचना सामने आ गई।

 

गिरिडीह में ही बिगड़ी तबीयत

सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे और शनिवार को भी गिरिडीह में ही मौजूद थे। बताया जा रहा है कि गिरिडीह में रहने के दौरान ही अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

सुबह जैसे ही उनके निधन की खबर सामने आई, गिरिडीह समेत पूरे झारखंड में उनके समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच शोक की लहर दौड़ गई। अचानक सामने आई इस खबर पर शुरुआती तौर पर लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और गिरिडीह की ओर रवाना होने लगे।

हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में होती थी गिनती

सुदिव्य कुमार सोनू को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में माना जाता था। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेताओं में शामिल थे और लंबे समय से पार्टी की राजनीति में सक्रिय रहे।

 

झारखंड की राजनीति में उनका प्रभाव विशेष रूप से गिरिडीह क्षेत्र में रहा। 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार विधायक का चुनाव जीता। इसके बाद 2024 में दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। हेमंत सोरेन सरकार में उन्हें मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।

 

सरकार में उन्हें पर्यटन, कला-संस्कृति और उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली थी। मंत्री बनने के बाद वे लगातार अपने विभागों और गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे।

 

कल्पना सोरेन की राजनीतिक एंट्री से भी जुड़ा था गिरिडीह

 

सुदिव्य कुमार सोनू का नाम उस दौर में भी काफी चर्चा में रहा था, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल में थे और कल्पना सोरेन की सक्रिय राजनीति में एंट्री हुई थी।

 

गिरिडीह के झंडा मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कल्पना सोरेन पहली बार बड़े राजनीतिक मंच पर सक्रिय रूप से नजर आई थीं। उस कार्यक्रम में सुदिव्य कुमार सोनू भी मंच पर मौजूद थे। इसके बाद झारखंड की राजनीति में कल्पना सोरेन की सक्रिय भूमिका बढ़ती गई।

झामुमो के लिए बड़ी क्षति

सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने 2019 में विधानसभा चुनाव जीतकर संसदीय राजनीति में अपनी जगह बनाई और 2024 में दोबारा जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी मिली।

 

उनके निधन की खबर सामने आने के बाद झामुमो कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की स्थिति है। गिरिडीह में बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे हैं। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के भी गिरिडीह पहुंचने की सूचना है।

झारखंड में पहले भी मंत्रियों के निधन से सदमा

झारखंड की राजनीति में इससे पहले भी कार्यरत मंत्रियों के निधन की घटनाओं ने राज्य को झकझोर दिया है। डुमरी के विधायक और तत्कालीन मंत्री जगन्नाथ महतो की तबीयत खराब होने के बाद लंबे समय तक उनका इलाज चला था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका था।

 

इसी तरह झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का भी कार्यकाल के दौरान निधन हुआ था। वहीं, पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन ने भी राज्य की राजनीति को गहरा झटका दिया था। बताया गया था कि उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद लंबे समय तक इलाज चला था और बाद में उनके निधन की खबर सामने आई थी।

अब सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर ने एक बार फिर झारखंड की राजनीति को शोक में डाल दिया है।

अचानक आई खबर से हर कोई स्तब्ध

सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर रविवार सुबह सामने आने के बाद समर्थकों और आम लोगों के बीच शोक का माहौल है। लोग लगातार यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर देर रात ऐसा क्या हुआ कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।

फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्हें गिरिडीह के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उनका निधन हो गया। उनके निधन के कारणों और आगे की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन की खबर ने राजनीतिक गलियारे से लेकर आम लोगों तक को गहरे शोक में डाल दिया है।

 

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