झामुमो ने एमएमडीआर अधिनियम के विरोध में किया धरना-प्रदर्शन, केदार हाजरा बोले- झारखंड के हितों के प्रतिकूल है कानून

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जमुआ/गिरिडीह: केंद्र सरकार के एमएमडीआर अधिनियम के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की जमुआ प्रखंड इकाई की ओर से शनिवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो नेता रोजन अंसारी ने की। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिनियम को वापस लेने की मांग की।

धरना को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि एमएमडीआर अधिनियम झारखंड के हितों के प्रतिकूल है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां की अर्थव्यवस्था व बड़ी आबादी की आजीविका खनिज संसाधनों से जुड़ी हुई है। ऐसे में खनिज एवं प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित कानूनों का राज्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

झामुमो नेता राजू यादव ने कहा कि झारखंड जल, जंगल और जमीन के अधिकार को लेकर लंबे समय से संघर्ष करता रहा है। प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय लोगों के अधिकार और हितों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि झामुमो राज्य के अधिकारों को प्रभावित करने वाले प्रावधानों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करता रहेगा।

मौके पर ओम प्रकाश महतो, रंजित राम, केदार यादव, राजकुमार राय, रणधीर यादव, भोला पासवान, संजय यादव, प्रभाकर वर्मा, श्यामदेव हाजरा समेत अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।