झारखंड की डुमरी विधानसभा सीट से विधायक जयराम कुमार महतो ने अपने पिता स्वर्गीय कृष्ण प्रसाद महतो की पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया पर एक अत्यंत मार्मिक और भावुक संदेश साझा किया है। अलग झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले पिता को याद करते हुए जयराम महतो ने न केवल अपने बचपन के संघर्षों और पारिवारिक पीड़ा को बयां किया, बल्कि झारखंड के हक और न्याय की लड़ाई को अंतिम सांस तक जारी रखने का संकल्प भी दोहराया।
“जब आप शहीद हुए, मैं मां के गर्भ में 6 महीने का था”
अपने संदेश में विधायक जयराम महतो ने लिखा कि जब उनके पिता अलग राज्य आंदोलन के दौरान आर्थिक नाकेबंदी में संघर्ष करते हुए शहीद हुए, तब वे दुनिया में आए भी नहीं थे।
“पापा, उस वक्त मां के गर्भ में आपका छह महीने का बेटा पल रहा था. आपने मुझे देखा तक नहीं, मेरी आवाज तक नहीं सुनी, लेकिन अपने पीछे संघर्ष, साहस, गरीबी और झारखंड के लिए मर-मिटने की विरासत छोड़ गए.”
उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने अपने पिता के संघर्षों और बलिदान की गाथाएं अपनी दादी, मां और दोनों आंखों से दिव्यांग चाचा के मुख से सुनी हैं। उन्हीं कहानियों ने उनके भीतर अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा और शक्ति भरी है।
जुल्म, भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प
जयराम महतो ने अपने पिता को नमन करते हुए कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं और जनता के हक की जो आवाज उठा रहे हैं, वह उनके पिता के विचारों और संस्कारों की ही देन है।
उन्होंने लिखा:
“आज आपका वही बेटा बड़ा होकर जुल्म, अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा है. जब भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता हूं, तो लगता है जैसे आपके सपने और आपके विचार मुझे हौसला दे रहे हैं. पापा, आपका बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दूंगा.
भावुक बेटे का दर्द: ‘काश आज आप साथ होते’
पोस्ट के अंत में एक राजनेता से परे एक बेटे का दर्द साफ झलका। जयराम ने लिखा कि काश आज उनके पिता उनके साथ होते, जिनकी गोद में सिर रखकर वे अपने संघर्ष की कहानी सुना पाते और उनका आशीर्वाद ले पाते। उन्होंने लिखा कि पिता की कमी उन्हें जीवन भर खलेगी, लेकिन वे जहां भी हैं, उनका आशीर्वाद सदैव उनके साथ रहेगा।
अंत में उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय कृष्ण प्रसाद महतो समेत झारखंड आंदोलन के तमाम ज्ञात-अज्ञात वीर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया।
सोशल मीडिया पर विधायक की इस पोस्ट को पढ़कर बड़ी संख्या में लोग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और शहीद आंदोलनकारी कृष्ण प्रसाद महतो को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।