गिरिडीह: जिले के गावां थाना क्षेत्र अंतर्गत जोड़ासिमर गांव में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां एक अनियंत्रित इर्टिगा कार ने सड़क किनारे बैठे लोगों को कुचल दिया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार में आ रही कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बैठे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद वाहन आगे जाकर एक केले के पेड़ से टकराकर रुक गया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार के नीचे दो लोग फंस गए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
इस हादसे में जोड़ासिमर निवासी सरयू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्रीकांत सिंह, निरंजन सिंह और भीम राजवंशी गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस पर पथराव, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही गावां थाना प्रभारी जय प्रकाश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन पुलिस के पहुंचते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस के देर से पहुंचने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी थी। किसी तरह थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने खुद को भीड़ से सुरक्षित किया।
चालक को बनाया बंधक, सड़क जाम
हादसे के बाद ग्रामीणों ने कार चालक बबलू यादव, जो नगवां का निवासी बताया जा रहा है, को पकड़कर एक घर में बंधक बना लिया। इसके साथ ही मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जोड़ासिमर में गावां–सतगावां मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए गावां और तिसरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास जारी है। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधि जैसे विधायक प्रतिनिधि मुन्ना सिंह, शेखर पासवान, उमेश साव और मरगूब आलम भी घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को शांत कराने में जुटे हुए हैं।
अस्पताल में इलाज, दो घायल रेफर
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां मौजूद डॉक्टर नौशाद आलम ने सरयू सिंह को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल श्रीकांत सिंह और निरंजन सिंह को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह रेफर कर दिया गया, जबकि भीम राजवंशी का प्राथमिक उपचार कर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
तनावपूर्ण स्थिति, पुलिस तैनात
फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और प्रशासन द्वारा मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषी चालक पर सख्त कार्रवाई हो।