ग्रामीणों के बीच पहुंचे उपायुक्त, तालाब निर्माण से जुड़ी शिकायतों का मौके पर किया समाधान…

किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए तालाब निर्माण कार्य का निरीक्षण

Abhimanyu Kumar
3 Min Read
Highlights
  • किसानों की शिकायतों और फसल क्षति की आशंका पर अधिकारियों को दिए निर्देश
  • उपायुक्त ने देवरी और जमुआ में तालाब निर्माण योजनाओं का किया निरीक्षण
  • बरसात से पहले योजना पूर्ण करने पर जोर
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गिरिडीह : किसानों की समस्याओं और हितों को ध्यान में रखते हुए गिरिडीह उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने देवरी प्रखंड के लवानियां मौजा में प्रस्तावित तालाब निर्माण योजना का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों एवं किसानों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों और आशंकाओं को गंभीरता से सुना।

 

ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि तालाब निर्माण के बाद आसपास के खेतों में जलभराव होने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित खेतों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजना के सभी तकनीकी पहलुओं का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।

उपायुक्त ने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ योजना की उपयोगिता, जल संचयन क्षमता और तकनीकी व्यवहार्यता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तालाब निर्माण महत्वपूर्ण है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी किसान की फसल को नुकसान न पहुंचे।

 

उन्होंने अधिकारियों को तालाब की गहराई, जल निकासी व्यवस्था और लिफ्ट इरिगेशन की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को लाभ पहुंचाना है, इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए कार्य किया जाना चाहिए।

 

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त बरगद के पेड़ के नीचे ग्रामीणों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तालाब निर्माण से जुड़ी बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

 

इसके बाद उपायुक्त ने जमुआ प्रखंड के पालमो स्थित तालाब का भी निरीक्षण किया और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि तालाब निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी और स्थानीय समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए तालाबों का निर्माण बेहद जरूरी है, जो भविष्य में जल संकट से निपटने में भी सहायक होगा।

 

निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी खोरीमहुआ, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई विभाग, अंचलाधिकारी जमुआ, प्रखंड विकास पदाधिकारी देवरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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