गिरिडीह: गिरिडीह कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी हस्ताक्षर के जरिए राशि निकासी और प्राचार्य की कथित दोहरी उपस्थिति को लेकर अखिल झारखंड छात्र संघ ने मोर्चा खोल दिया है। छात्र संघ ने विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
जिला अध्यक्ष अक्षय यादव का आरोप है कि एक ही तिथि को प्राचार्य की उपस्थिति हजारीबाग के झूमर कार्यक्रम और गिरिडीह कॉलेज की परीक्षा ड्यूटी में दर्ज होने की बात सामने आई है। संघ ने संबंधित उपस्थिति पंजी, परीक्षा ड्यूटी और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।
वहीं कॉलेज के बैंक खाते से कथित फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से राशि निकासी के आरोप को लेकर भी छात्र संघ ने गंभीर सवाल उठाए हैं। संघ ने बैंक रिकॉर्ड, चेक और हस्ताक्षरों की स्वतंत्र जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इसके साथ ही कॉलेज में गार्ड के नाम पर किए जाने वाले भुगतान, संबंधित व्यक्ति की नियुक्ति और उपस्थिति की भी जांच की मांग उठाई गई है। छात्र संघ ने पिछले वर्षों की कॉलेज की संपूर्ण वित्तीय व्यवस्था का उच्चस्तरीय ऑडिट कराने की मांग की है।
छात्र संघ का कहना है कि बिना जांच किसी को दोषी ठहराना उनका उद्देश्य नहीं है, लेकिन लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
21 सितंबर को तालाबंदी की चेतावनी
अखिल झारखंड छात्र संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो 21 सितंबर 2026 को गिरिडीह कॉलेज में तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा।
शांतिपूर्ण धरना में जिला अध्यक्ष अक्षय यादव, महासचिव नमन यादव, जिला उपाध्यक्ष चंदन मंडल, प्रिंस चौरसिया, सतीश यादव, संजीत यादव, जिला सचिव कुंदन चंद्रवंशी, करण यादव, जिला सह-सचिव सागर तिवारी, दिलीप मंडल, मीडिया प्रभारी दिवाकर चंद्रवंशी, देवेंद्र शर्मा, पोखन यादव सहित अन्य छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब सवाल यह है कि छात्र संघ द्वारा उठाए गए इन आरोपों पर विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन की ओर से क्या जांच और कार्रवाई की जाती है।
