जिले में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास को लेकर आज समाहरणालय सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने की।
Advertisement
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि बच्चों को एक ऐसा सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, जहां उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्होंने मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न घटकों — जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर — की गतिविधियों की समीक्षा की।
बैठक में चाइल्ड लाइन की भूमिका और उनके समक्ष आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि वल्नरेबिलिटी मैपिंग, सड़क पर जीवनयापन करने वाले बच्चों को शिक्षा की व्यवस्था, बाल श्रम, बाल व्यापार, बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों और स्टेक होल्डरों को निर्देशित किया कि विशेष परिस्थितियों में रह रहे किशोर-किशोरियों की सुरक्षा, संरक्षण और समग्र विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय से बाल संरक्षण के ढांचे को और मजबूत किया जा सकता है।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, बाल संरक्षण पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।