गिरिडीह: सुभाष शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, गिरिडीह की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई-1 का सात दिवसीय विशेष शिविर मंगलवार को जोरबाद गांव में सम्पन्न हुआ। समापन दिवस पर सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने गांव के घर-घर जाकर ग्रामीणों की स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई। इस कार्यक्रम का नेतृत्व एनएसएस पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सिंह ने किया।
सात दिनों में कई रचनात्मक कार्यक्रम
इस विशेष शिविर में सात दिनों तक लगातार विभिन्न रचनात्मक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका सीधा लाभ ग्रामीणों को मिला।
पहले दिन शिविर का उद्घाटन उत्क्रमित मध्य विद्यालय जोरबाद के प्राचार्य और महाविद्यालय के प्राचार्य ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान एनएसएस के उद्देश्यों और युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
दूसरे दिन पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने और प्रदूषण से बचाव के तरीके बताए।
तीसरे दिन ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम के तहत पौधारोपण अभियान चलाया गया। विद्यालय परिसर एवं गांव के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों पौधे लगाए गए। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों से इन पौधों की देखभाल करने और भविष्य में भी वृक्षारोपण के लिए आगे आने की अपील की।
चौथे दिन स्वच्छता अभियान के तहत श्रमदान और सैनिटाइजेशन कार्यक्रम हुआ। गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई। साथ ही लोगों को स्वच्छता के महत्व और बीमारियों से बचाव के बारे में जागरूक किया गया।
पांचवें दिन नशामुक्ति पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। स्वयंसेवकों ने नशे से होने वाली बीमारियों और सामाजिक बुराइयों को नाटक के माध्यम से समझाया। कार्यक्रम के जरिए ग्रामीणों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
छठे दिन ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत जोरबाद गांव में जनजागरूकता रैली निकाली गई। इसमें स्वयंसेवकों ने शिक्षा और बालिका सशक्तिकरण का संदेश दिया।
सातवें दिन सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण कर शिविर का समापन किया गया।
शिविर के दौरान हुए कार्यक्रमों से ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। पौधारोपण, नशामुक्ति अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी गतिविधियों में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। ग्रामीणों ने एनएसएस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम गांव की सोच और जीवनशैली बदलने में मददगार साबित होते हैं।
प्राचार्य ने जताया आभार
समापन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि सात दिनों का यह शिविर तभी सफल हो पाया, जब ग्रामीणों, पत्रकारों और स्वयंसेवकों ने मिलकर सहयोग किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस जैसे कार्यक्रम युवाओं को समाजसेवा की ओर प्रेरित करते हैं।
शिविर को सफल बनाने में प्रो. राजकिशोर प्रसाद, प्रियेश सिंह सहित स्वयंसेवक अर्चना कुमारी, नगमा, स्नेहा कुमारी, विनीता मुर्मू, बेबी कुमारी, अनुपम कुमारी, दृष्टि, वैशाली, नेहा, संजय पंडित, मीना, अभिमन्यु कुमार, विराट कुमार, मो. ताज सहित कई अन्य ने सक्रिय भूमिका निभाई।