छात्रवृत्ति के अभाव में पढ़ाई छोड़ने को मजबूर छात्र-छात्राएं गिरिडीह में IISA का प्रदर्शन…

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गिरिडीह छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) समय पर नहीं मिलने से परेशान छात्र-छात्राओं ने अपनी पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होने का गंभीर आरोप लगाया है। माले (CPIML) के छात्र विंग आईसा (AISA) संगठन के नेतृत्व में, गिरिडीह विधानसभा से रेहान आईसा ने आज (तिथि का उल्लेख नहीं) कुछ छात्रों के साथ कल्याण विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की और अपनी समस्याओं को लेकर गिरिडीह उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन उनके कार्यालय में जमा किया।

छात्रों ने कल्याण विभाग के मुख्य गेट पर जोरदार नारेबाजी भी की।

छात्रों की मुख्य शिकायतें

  • छात्रों ने अपनी समस्या खुलकर बताते हुए कहा कि यह दिक्कतें 2022 से आ रही हैं और छात्रों के बारे में सोचने वाला कोई नहीं है।
  • छात्रवृत्ति के अभाव में अपनी पढ़ाई छोड़ रहे हैं।
  • स्कूल और कॉलेज वाले भी परेशान हैं।
  • पैसे की कमी के कारण हॉस्टल छोड़ना पड़ रहा है।
  • आईसा संगठन ने राज्य सरकार से मांग की कि छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति मिले और छात्रों की पढ़ाई को बर्बाद न किया जाए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि झारखंड सरकार (40%) और केंद्र सरकार (60%) दोनों की छात्रवृत्ति देने की जवाबदेही है।

 कल्याण पदाधिकारी का आश्वासन

कल्याण पदाधिकारी ने छात्रों को बारीकियों से समझाते हुए आश्वासन दिया कि जल्द ही राशि आने वाली है। उन्होंने कहा कि फंड आते ही सभी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भेज दी जाएगी, और सरकार में देरी भले हो, किंतु छात्रवृत्ति मिलना फिक्स है।

आंदोलन की चेतावनी

इस मौके पर नौशाद आलम, जुनेद सफा, शहजाद अंसारी, और पवन राय ने स्पष्ट किया कि वे छात्रों के साथ ज्यादती बर्दाश्त नहीं करेंगे और आंदोलन निश्चित होगा। पवन राय, वारिस अंसारी, शमशाद अंसारी, और दिनेश ठाकुर ने सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास “ताम-झाम” के लिए पैसे हैं, लेकिन छात्रों के लिए पैसे नहीं हैं।

नेतृत्व कर रहे रेहान आईसा ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर इस समस्या का हल नहीं किया गया, तो वे एक बड़े आंदोलन की ओर जाएंगे।

आंदोलन में माले का मिला रहा समर्थन…

माले नेता ने छात्रों को आंदोलन के लिए तैयार करने के लिए आवश्यक टिप्स दिए और मार्गदर्शन किया कि कार्य कैसे किया जाता है। सिन्हा ने कहा कि सरकार किसी की भी हो, आईसा झारखंड और भारत स्तर पर अपनी आवाज उठाने में सक्षम है।

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