पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर गांधी चौक स्थित मोदी धर्मशाला में गिरिडीह विधानसभा स्तरीय अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व प्रतिपक्ष नेता अमर कुमार बावरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत वाजपेयी जी के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने झारखंड निर्माण में वाजपेयी जी के योगदान और प्रधानमंत्री के रूप में उनके नेतृत्व की सराहना की।

मीडिया से बातचीत में अमर बावरी ने कहा कि 25 दिसंबर को भारत रत्न वाजपेयी जी की 101वीं जयंती मनाई गई। शताब्दी वर्ष के तहत पूरे राज्य में एक सप्ताह तक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वाजपेयी जी ने झारखंड को राज्य का दर्जा दिलाने के साथ-साथ पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दौरान देश को नई ऊँचाई तक पहुँचाया।

मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाए जाने के सवाल पर बावरी ने कहा कि गांधी जी देश में “रामराज्य” की कल्पना करते थे और भगवान श्रीराम उनके प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रघुवर दास सरकार में भाजपा ने पेसा कानून का ड्राफ्ट तैयार किया था, लेकिन कुछ कानूनी अड़चनों के कारण इसे तत्काल लागू नहीं किया जा सका। वर्तमान झामुमो-कांग्रेस सरकार ने इसे लंबे समय तक रोक रखा था, लेकिन कोर्ट के आदेश और भाजपा के दबाव में यह कानून अब लागू हो गया है।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री चंद्रमोहन प्रसाद, पूर्व विधायक निर्भय शाहबादी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव, दिनेश यादव, प्रो. बिनीता कुमारी, चुन्नू कांत, विनय सिंह, प्रकाश सेठ, कामेश्वर पासवान, सुनील पासवान, सुभाष सिन्हा, संगीता सेठ, शालिनी बेसिकियार, उषा देवी सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।