गिरिडीह में बुलडोजर एक्शन! पुराना जेल परिसर के पीछे 45 दुकानों को तोड़ा गया, दुकानदारों में नाराजगी

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गिरिडीह: शहर के टावर चौक से कल्याणडीह फोरलेन मार्ग स्थित पुराना जेल परिसर के पीछे नगर निगम द्वारा निर्मित 45 दुकानों को शनिवार को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। नगर निगम की टीम जेसीबी मशीनों की मदद से दुकानों को हटाने में जुटी रही। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। मौके पर दंडाधिकारी, नगर निगम के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे।

जानकारी के अनुसार, पुराना जेल परिसर के पीछे नगर निगम द्वारा बनाए गए इन दुकानों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इससे पूर्व भी नगर निगम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी, जिसका प्रभावित दुकानदारों ने कड़ा विरोध किया था। दुकानदारों ने अपने रोजगार और आजीविका पर संकट का हवाला देते हुए धरना, प्रदर्शन, अनशन और भूख हड़ताल जैसे आंदोलन भी किए थे। इस मुद्दे को लेकर कई दिनों तक शहर में चर्चा का माहौल बना रहा और प्रशासन तथा दुकानदारों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी रही।

हालांकि, शनिवार को नगर निगम ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए दुकानों को पूरी तरह हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह से ही नगर निगम की टीम भारी मशीनरी और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद जेसीबी मशीनों की सहायता से एक-एक कर दुकानों को तोड़ा जाने लगा। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों में नाराजगी और मायूसी देखी गई। प्रभावित व्यवसायियों का कहना है कि दुकानों के हटने से उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। वहीं नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जा रही है तथा पूर्व में भी संबंधित पक्षों को आवश्यक सूचना दी गई थी।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र के विकास और नियोजन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन का दावा है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की जा रही है।

कार्रवाई के दौरान सहायक नगर आयुक्त अशोक हंसदा, दंडाधिकारी विनोद सिंह, अर्बन प्लानर मंजूर आलम सहित नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की भी तैनाती की गई थी।

नगर निगम की इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जारी है। एक ओर प्रशासन इसे नियमानुसार की गई कार्रवाई बता रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित दुकानदार अपने भविष्य और रोजगार को लेकर चिंता जता रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की निगरानी में ध्वस्तीकरण का कार्य जारी है और पूरे मामले पर शहरवासियों की नजर बनी हुई है।

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