विकास कार्यों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, गुणवत्ता और समयबद्धता पर उपायुक्त सख्त

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जिले में संचालित विकास योजनाओं को गति देने तथा उनके गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने समाहरणालय सभागार में तकनीकी पदाधिकारियों एवं विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले में चल रही आधारभूत संरचना एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध निष्पादन को लेकर गहन चर्चा की गई।

 

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कार्यकारी एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की एक-एक कर स्थिति जानी तथा संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति, शेष कार्य, संभावित बाधाओं एवं उनके समाधान की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि आम जनता की अपेक्षाओं और सरकार की प्राथमिकताओं से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में इनके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

 

उपायुक्त ने सड़क, भवन, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई एवं अन्य आधारभूत संरचना से संबंधित परियोजनाओं की विशेष समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तकनीकी पदाधिकारी नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो।

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बैठक में उन्होंने लंबित एवं धीमी गति से संचालित योजनाओं पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का कार्य अधूरा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए ताकि आम लोगों को उनका लाभ समय पर मिल सके।

 

वहीं उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने सभी कार्यकारी एजेंसियों एवं विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि योजनाओं के निष्पादन में आने वाली किसी भी समस्या की जानकारी समय पर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने नियमित फील्ड विजिट, सतत मॉनिटरिंग एवं समय-समय पर प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

 

उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी एवं जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आधुनिक तकनीकों एवं बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता ही सफल विकास कार्यों की पहचान है।

 

बैठक में आईएएस प्रशिक्षु, जिला योजना पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-1 एवं 2 के कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, विद्युत प्रमंडल सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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