ग्रामीणों के बीच पहुंचे डीसी रामनिवास यादव, पैदल किया निरीक्षण, ₹1.28 करोड़ की दो सड़क योजनाओं को मंजूरी…..

खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की आवाज, पीरटांड़ में विकास को मिली नई रफ्तार...

Abhimanyu Kumar
3 Min Read
Highlights
  • पीरटांड़ दौरे पर डीसी रामनिवास यादव ने ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर सुनी समस्याएं।
  • पैदल पहुंचकर विकास योजनाओं का निरीक्षण, जानी जमीनी हकीकत और स्थानीय जरूरतें।
  • अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश।
  • ₹1.28 करोड़ की लागत से दो पीसीसी सड़क निर्माण योजनाओं को मिली प्रशासनिक स्वीकृति।
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गिरिडीह उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने गुरुवार को पीरटांड़ प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर विभिन्न विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पैदल चलकर योजनास्थलों का अवलोकन किया, ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर काफी देर तक चर्चा करते रहे तथा अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित एवं व्यवहारिक समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं की स्वीकृति देना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर धरातल पर उतारना और उसका लाभ प्रत्येक ग्रामीण तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सड़क जैसी आधारभूत संरचना ग्रामीण विकास की रीढ़ है तथा बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होती है।

 

इसी क्रम में उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ करने एवं आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पीरटांड़ प्रखंड की दो महत्वपूर्ण पीसीसी सड़क निर्माण योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

पहली योजना के तहत पंचायत मधुबन (उत्तरी पारसनाथ) अंतर्गत पीपराडीह से दलवाडीह तक पीसीसी पथ निर्माण के लिए ₹88,62,400 तथा दूसरी योजना के तहत पंचायत उत्तरी पारसनाथ अंतर्गत कोठाटांड़ से वाइल्ड लाइफ सीमा प्रारंभ बिंदु तक एवं वाइल्ड लाइफ सीमा के अंतिम छोर से नदी तक पीसीसी पथ निर्माण के लिए ₹39,57,400 की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। दोनों योजनाओं पर कुल ₹1,28,19,800 की लागत से कार्य कराया जाएगा। इन योजनाओं के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी कार्यपालक अभियंता, एनआरईपी, गिरिडीह को सौंपी गई है।

 

उपायुक्त रामनिवास यादव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी करते हुए शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग कर योजनाओं को समय पर पूरा कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्य एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी।

ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उपायुक्त ने उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना तथा भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से समन्वय स्थापित करते हुए स्थल से संबंधित सभी आवश्यक पहलुओं का सत्यापन सुनिश्चित करें, ताकि योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंच सके। निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी डुमरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी पीरटांड़, कार्यपालक अभियंता एनआरईपी सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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